Thursday, January 15, 2026

स्वयं सहायता समूह की महिलाएं लिख रही हैं सफलता की कहानियां

Share This

इटावा। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत समूह की कई महिलाएं अपना रोजगार कर न सिर्फ अपने को आत्मनिर्भर बना रही बल्कि अन्य महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बना कर सफलता की नई -नई कहानियां भी लिख रही हैं। यह महिलाएं आत्मनिर्भर बन अपने घर का सहारा भी बन रही है समूह के माध्यम से कई महिलाएं छोटे-छोटे उद्योग का सफल संचालन कर अपने उत्पादों को बाजार में बेचकर आर्थिक रूप से भी समृद्ध हो रही है।

बकेवर क्षेत्र के ग्राम बेरी खेड़ा की 36 वर्षीय दिव्यांग पदमा कुशवाहा ने भी कोरोना समूह के साथ जुड़कर अपने पैरों पर खड़ी हुई बल्कि एक दर्जन अन्य महिलाओं को भी रोजगार के लिए प्रेरित कर उन्हें भी इस आत्मनिर्भर बनाया।पदमा कुशवाहा 56 प्रकार के अचार अथवा अलग-अलग फलों के मुरब्बा बनाने में पारंगत होकर अपना स्वयं का लघु उद्योग शुरू किया।
पदमा बताती हैं कि विगत वर्ष 2020 से पहले एक प्राइवेट जॉब करती थी। उनके पति गोविन्द कुशवाहा जो दिव्यांग हैं। आगरा में प्राइवेट जॉब करते हैं। लेकिन कोरोना काल के बाद पदमा की नौकरी हाथ में नहीं रही। तो खुद ही कोई काम शुरू किया जाए। कि इसी दौरान उन्होंने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत विगत वर्ष जनवरी 2021 को वह श्रीकृष्ण स्वयं सहायता समूह से जुड़ी और उसने समूह की अध्यक्ष के रूप काम करना शुरू किया। पदमा ने बताया कि अचार और मुरब्बा बनाने के लिए विशेष प्रशिक्षण लिया उसके बाद समूह से 20 हजार का ऋण लेकर आचार मुरब्बा बंनाने का अपना काम शुरू किया। वर्तमान में 56 प्रकार के अचार और अलग-अलग मुरब्बा उनके द्वारा बनाए जा रहे हैं।
उनके अचारों और मुरब्बे में किसी भी तरह का कोई केमिकल प्रयोग नहीं किया जाता है। पदमा ने बताया कि अब अपने उत्पादों को बेचने के लिए गाँव से 2 किलोमीटर दूर स्थित लखना में किराये पर लेकर दुकान खोली है।
पदमा बताती है कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत लगाए जाने वाले मेले और प्रदर्शनी में भी अपने उत्पादों को जाकर बेचते हैं और वहां पर हमारे द्वारा तैयार किए गए उत्पादों को विशेष सराहना भी मिली।
पति के दिव्यांग होने से घर का गुजारा करने में समस्या आयी। दो बच्चे हैं जिनकी पढायी का खर्चा भी है।
पदमा बताती है कि उन्होंने अपनी अब तक दस महिलाओं को समूह से जोड़कर रोजगार के लिए प्रेरित किया। आज वे सभी महिलाएं भी अपने पैरों पर खड़ी हैं। दस में से कुछ महिलाएं दाल का कार्य कर रही हैं कुछ कढाई का तथा कुछ सिलाई का काम करके अपने व परिवार के लिए जीविकोपार्जन का मार्ग बनी हुईं हैं। क्योंकि शुरुआत में अधिक आय प्राप्त नहीं होती लेकिन धीरे-धीरे लोगों तक पहुँच होने पर काफी सहायता मिल जाती है। पदमा बताती उनके द्वारा बनाए गए विशेष अचार बाँस,सहजन, आंवला,टैंटी,सिंघाड़ा,लहसुन की भी मांग शुरू में बिल्कुल नहीं थी अब लोग धीरे-धीरे स्वाद चखने के बाद इन विशेष अचारों की मांग कर रहे हैं।

Share This
Desk Etawah Live
Desk Etawah Livehttps://etawahlive.com/
इटावा से जुडी ख़बर हमें भेंजें, Email - etawah.news@gmail.com, Mob :- 7017070200
spot_img
अपनी खबर या कोई समस्या इटावा लाइव पर निशुल्क प्रकाशित करने हेतु हमें Whatsapp - 7017070200, Email – etawah.news@gmail.com पर जरुर भेंजें।

Read more

वोट करें

हमारा इटावा

आगरा सूबे में चला गया इटावा का कुछ भाग

शेरशाह तथा सूर शासन के पश्‍चात 1556 ई0 से अकबर का राज्‍य स्‍थापि‍त हो गया। अकबर के काल में इटावा का कुछ भाग आगरा...

शिक्षाविद

कैलाश चंद्र यादव: नव युग के शिक्षा क्रांतिकारी का प्रेरणादायक सफ़र

कैलाश चंद्र यादव एक प्रख्यात शिक्षाविद् हैं जो पानकुंवर इंटरनेशनल स्कूल, मानिकपुर मोड, ग्वालियर बाईपास, इटावा और पानकुंवर इंटरनेशनल स्कूल, सराय दयानत के प्रबंधक...

राजनीतिज्ञ

सुबोध तिवारी: इटावा के एक प्रख्यात राजनीतिज्ञ और वरिष्ठ स्वयंसेवक

सुबोध तिवारी का जन्म 1 मई, 1965 को उत्तर प्रदेश के जसवंतनगर, इटावा में हुआ। उनके पिता का नाम स्व. श्री रामानंद तिवारी और...

प्रशासनिक अधिकारी

अभिनव रंजन श्रीवास्तव एक प्रभावी प्रशासनिक अधिकारी और कुशल टीम प्रबंधक

उत्तर प्रदेश की प्रशासनिक सेवा में अपनी कड़ी मेहनत और उत्कृष्ट प्रदर्शन से पहचान बनाने वाले इटावा के अपर जिलाधिकारी अभिनव रंजन श्रीवास्तव आज...

प्रमुख संस्थान

इटावा का शीर्ष केमिस्ट्री कोचिंग संस्थान: जीविका केमिस्ट्री क्लासेज

आज के समय में अधिकांश कोचिंग संस्थान पूरी तरह से व्यावसायिक रूप ले चुके हैं। न ही छात्रों की संख्या पर कोई नियंत्रण होता...

चिकित्सक

डॉ. शिवओम वर्मा: एक समर्पित बाल रोग विशेषज्ञ और नवजात शिशु चिकित्सक

डॉ. शिवओम वर्मा एक उभरता हुआ नाम जो इटावा में नवजात शिशु और बालरोग विशेषज्ञ के रूप में विख्यात है। वह कुशल और अनुभवी...

चर्चित व्यक्तिव

शब्दों के जादूगर स्व. व्रजेंद्र गौड़ का इटावा से फिल्मी दुनिया में फिल्मफेयर तक का सफ़र

व्रजेंद्र गौड़ का जन्म 1 अप्रैल 1925 को उत्तर प्रदेश के इटावा में हुआ। वे हिंदी सिनेमा के एक प्रतिभाशाली पटकथा और संवाद लेखक...

पत्रकार

वी पी राजन: पत्रकार, जनप्रतिनिधि और समाज सेवक का अनूठा संगम

वरिष्ठ पत्रकार वी पी राजन, जिनका पूरा नाम वीर पाल सिंह राजन है, इटावा के प्रसिद्ध और सम्मानित पत्रकारों में से एक हैं। उनका...

टॉप आर्टिकल्स

शरद तिवारी की अनमोल सेवा, लावारिस शवों को दिलाई गरिमामयी विदाई

शरद तिवारी: एक समर्पित समाजसेवी इटावा में शरद तिवारी का नाम समाज सेवा और मानवता के प्रति उनके अभूतपूर्व योगदान के लिए जाना जाता है।...

व्यवसायी

सर्वेश यादव : एक समर्पित समाजसेवी और सुरक्षा एजेंसी के प्रबंधक

सर्वेश यादव, जनपद इटावा ही नहीं पूरे प्रदेश की सबसे भरोसेमंद सिक्योरिटी एजेंसी "एस.के. ग्रुप ऑफ सिक्योरिटी सर्विस" के प्रबंधक हैं। वे एक व्यवहार...

समाजसेवी

पूर्व अधिकारी