स्वयं सहायता समूह की महिलाएं लिख रही हैं सफलता की कहानियां

Share This

इटावा। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत समूह की कई महिलाएं अपना रोजगार कर न सिर्फ अपने को आत्मनिर्भर बना रही बल्कि अन्य महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बना कर सफलता की नई -नई कहानियां भी लिख रही हैं। यह महिलाएं आत्मनिर्भर बन अपने घर का सहारा भी बन रही है समूह के माध्यम से कई महिलाएं छोटे-छोटे उद्योग का सफल संचालन कर अपने उत्पादों को बाजार में बेचकर आर्थिक रूप से भी समृद्ध हो रही है।

बकेवर क्षेत्र के ग्राम बेरी खेड़ा की 36 वर्षीय दिव्यांग पदमा कुशवाहा ने भी कोरोना समूह के साथ जुड़कर अपने पैरों पर खड़ी हुई बल्कि एक दर्जन अन्य महिलाओं को भी रोजगार के लिए प्रेरित कर उन्हें भी इस आत्मनिर्भर बनाया।पदमा कुशवाहा 56 प्रकार के अचार अथवा अलग-अलग फलों के मुरब्बा बनाने में पारंगत होकर अपना स्वयं का लघु उद्योग शुरू किया।
पदमा बताती हैं कि विगत वर्ष 2020 से पहले एक प्राइवेट जॉब करती थी। उनके पति गोविन्द कुशवाहा जो दिव्यांग हैं। आगरा में प्राइवेट जॉब करते हैं। लेकिन कोरोना काल के बाद पदमा की नौकरी हाथ में नहीं रही। तो खुद ही कोई काम शुरू किया जाए। कि इसी दौरान उन्होंने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत विगत वर्ष जनवरी 2021 को वह श्रीकृष्ण स्वयं सहायता समूह से जुड़ी और उसने समूह की अध्यक्ष के रूप काम करना शुरू किया। पदमा ने बताया कि अचार और मुरब्बा बनाने के लिए विशेष प्रशिक्षण लिया उसके बाद समूह से 20 हजार का ऋण लेकर आचार मुरब्बा बंनाने का अपना काम शुरू किया। वर्तमान में 56 प्रकार के अचार और अलग-अलग मुरब्बा उनके द्वारा बनाए जा रहे हैं।
उनके अचारों और मुरब्बे में किसी भी तरह का कोई केमिकल प्रयोग नहीं किया जाता है। पदमा ने बताया कि अब अपने उत्पादों को बेचने के लिए गाँव से 2 किलोमीटर दूर स्थित लखना में किराये पर लेकर दुकान खोली है।
पदमा बताती है कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत लगाए जाने वाले मेले और प्रदर्शनी में भी अपने उत्पादों को जाकर बेचते हैं और वहां पर हमारे द्वारा तैयार किए गए उत्पादों को विशेष सराहना भी मिली।
पति के दिव्यांग होने से घर का गुजारा करने में समस्या आयी। दो बच्चे हैं जिनकी पढायी का खर्चा भी है।
पदमा बताती है कि उन्होंने अपनी अब तक दस महिलाओं को समूह से जोड़कर रोजगार के लिए प्रेरित किया। आज वे सभी महिलाएं भी अपने पैरों पर खड़ी हैं। दस में से कुछ महिलाएं दाल का कार्य कर रही हैं कुछ कढाई का तथा कुछ सिलाई का काम करके अपने व परिवार के लिए जीविकोपार्जन का मार्ग बनी हुईं हैं। क्योंकि शुरुआत में अधिक आय प्राप्त नहीं होती लेकिन धीरे-धीरे लोगों तक पहुँच होने पर काफी सहायता मिल जाती है। पदमा बताती उनके द्वारा बनाए गए विशेष अचार बाँस,सहजन, आंवला,टैंटी,सिंघाड़ा,लहसुन की भी मांग शुरू में बिल्कुल नहीं थी अब लोग धीरे-धीरे स्वाद चखने के बाद इन विशेष अचारों की मांग कर रहे हैं।

Share This
अपनी खबर या कोई समस्या इटावा लाइव पर निशुल्क प्रकाशित करने हेतु हमें Whatsapp - 7017070200, Email – etawah.news@gmail.com पर जरुर भेंजें।

Read more

वोट करें

हमारा इटावा

इटावा की शान है जमुनापारी बकरी, इंडोनेशिया के लोग मानते है इसे गुडलक बकरी

इटावा की शान है जमुनापारी बकरी, इंडोनेशिया के लोग मानते है इसे गुडलक बकरी यूं तो इस धरा पर अनेकों पशु विचरण करते हैं भारत...

शिक्षाविद

इटावा में फिजिक्स के सर्वश्रेष्ठ शिक्षक एवं छात्रों की सफलता के प्रेरणास्रोत: डी. एस. राजपूत

इटावा के प्रसिद्ध कोचिंग संस्थान अगस्त्य अकैडमी के निदेशक डी. एस. राजपूत ने फिजिक्स विषय में अपनी अलग पहचान बनाई है। कानपुर यूनिवर्सिटी से...

राजनीतिज्ञ

डॉ. ज्योति वर्मा को उनके कार्यों ने भाजपा में दिलाई नई पहचान

विद्यार्थी परिषद की जिला प्रमुख से लेकर भाजपा जिला मंत्री तक का सफरनामा इटावा। वर्ष 1990 में हाई स्कूल से अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की...

प्रशासनिक अधिकारी

नुमाइश से लेकर राहत कार्यों तक, इटावा के कर्मठ और जनप्रिय उपजिलाधिकारी : विक्रम सिंह राघव

विक्रम सिंह राघव उत्तर प्रदेश प्रशासनिक सेवा के उन युवा अधिकारियों में गिने जाते हैं जिन्होंने अपने ज्ञान, कार्यशैली और ईमानदारी से न केवल...

प्रमुख संस्थान

देवांशी ऑनलाइन सर्विस सेंटर – आपकी सभी वाहन सेवाओं एवं ऑनलाइन कार्यो के लिए वन-स्टॉप सॉल्यूशन

देवांशी ऑनलाइन सर्विस सेंटर, कृषि भवन ऑफिस के पास, पुलिस लाइन, इटावा आपके सभी सरकारी एवं वाहन संबंधी कार्यों के लिए एक विश्वसनीय केंद्र...

चिकित्सक

डॉ. डी. के. दुबे : एक प्रख्यात हड्डी रोग विशेषज्ञ

जनपद इटावा सहित आस-पास के जिलों में हड्डी रोग विशेषज्ञ के रूप में डॉ. डी. के. दुबे का नाम प्रमुखता से लिया जाता है,...

चर्चित व्यक्तिव

राजनीति, कर्मचारी आंदोलन और शिक्षा, हरि किशोर तिवारी की बहुआयामी पहचान

इंजीनियर हरि किशोर तिवारी का नाम उत्तर प्रदेश के कर्मचारी आंदोलन, राजनीति और शिक्षा जगत में एक जाना-पहचाना नाम है। उन्होंने साधारण पृष्ठभूमि से...

पत्रकार

पत्रकारिता के धुरंधर वरिष्ठ पत्रकार सुभाष त्रिपाठी की उपलब्धियों का सफर

सुभाष त्रिपाठी का जन्म उत्तर प्रदेश के औरैया जिले के मोहल्ला बघा कटरा, कच्चीगड़ी में हुआ। यह स्थान उनके लिए बहुत महत्वपूर्ण है और...

टॉप आर्टिकल्स

शरद तिवारी की अनमोल सेवा, लावारिस शवों को दिलाई गरिमामयी विदाई

शरद तिवारी: एक समर्पित समाजसेवी इटावा में शरद तिवारी का नाम समाज सेवा और मानवता के प्रति उनके अभूतपूर्व योगदान के लिए जाना जाता है।...

व्यवसायी

उर्मिला शाक्य: “द लेडी कैफे” की प्रबंधक एवं ब्यूटी वेलनेस सेवाओं की अग्रणी विशेषज्ञ

उर्मिला शाक्य इटावा के बेहतरीन ब्यूटी सलून "The Lady Cafe- Makeup Studio, Salon and Academy"  की प्रबंधक हैं। वह ब्यूटी और वेलनेस सेवाओं में...

समाजसेवी

रूबी शर्मा: इटावा की एक प्रेरणादायक समाजसेवी

रूबी शर्मा, एक समर्पित और प्रेरणादायक समाजसेवी, जनपद इटावा में अपने उत्कृष्ट कार्यों के लिए जानी जाती हैं। वे नेकी मानव सेवा संस्थान की...

पूर्व अधिकारी