Thursday, January 1, 2026

सदर विधायक सरिता भदौरिया ने कथा व्यास सलिल जी से लिया आशीर्वाद,

Share This

 

इटावा। श्री धाम वृंदावन से पधारे भागवत कथा व्यास डॉ०संजय कृष्ण “सलिल जी” महाराज ने श्री राम समारोह स्थल पर तृतीय दिवस की कथा में प्रवचन करते हुए कहा कि भागवत कथा को बार बार श्रवण करना चाहिए क्योंकि यह कथा मनुष्य के शोक,मोह और भय को दूर कर देती है। इसके श्रवण से भूतकाल का शोक,वर्तमान का मोह और भविष्य का भय समाप्त हो जाता है।मित्तल परिवार द्वारा आयोजित भागवत कथा में शनिवार को सदर विधायक सरिता भदौरिया ने भाजपा नेता शिवप्रताप राजपूत,अशोक चौबे, अनंत अग्रवाल,श्याम चौधरी,हरिओम गुप्ता, परिधि वर्मा के साथ व्यास गद्दी का आशीर्वाद लिया। कथा प्रसंग को आगे बढ़ाते हुए डॉ०संजय सलिल ने कहा कि राजा परीक्षित की मुक्ति का एकमात्र सेतु भागवत की कथा है। अगर राजा परीक्षित नहीं होते तो उन्हें 7 दिन का श्राप भी नहीं लगता। श्राप नहीं लगता तो वे गंगा किनारे कैसे आते। गंगा किनारे शुक्रताल नहीं आते तो शुकदेव जी महाराज परीक्षित को कथा कैसे सुनाते। राजा परीक्षित को सात दिन बाद तक्षक के द्वारा काटने पर मृत्यु होगी,यह श्राप लगता है।वह गंगा किनारे बैठकर शुकदेव जी से कथा श्रवण करते हैं। जीव मात्र की मृत्यु भी सात दिन में होनी है। इन सात दिनों के भीतर कभी भी प्राणांत हो सकता है। इस कारण से भागवत की सप्ताह कथा सात दिन में ही पूरी होती है।इस मानव के जीवन की अवधि भी सात दिन ही है।इसलिए इसे बार-बार सुनना चाहिए क्योंकि यह वेद वेदांत एवं सभी शास्त्रों का सार है। इसी कारण से यह महापुराण है। महापुराण के दस लक्षण होते हैं जो कि भागवत में सन्निहित हैं। पुराण का अर्थ है पुरानी होने पर भी नई लगे।
उन्होंने कहा कि भागवत के वक्ता में काम क्रोध का विकार नहीं होना चाहिए। इसी कारण से व्यासजी अपने पुत्र श्री शुकदेव जी को राजा विदेह के दरबार में भेजते हैं। वहां पर श्री शुकदेवजी के काम क्रोध की परीक्षा होती है।प्रमाण पत्र मिलने पर ही व्यासजी शुकदेवजी को भागवत पढ़ाते हैं।तब शुकदेवजी महाराज राजा परीक्षित को कथा श्रवण कराके मोक्ष की प्राप्ति कराते हैं।
उन्होंने कहा कि भागवत की कथा महाभारत से प्रारंभ होती है। महाभारत के सर्ग के सर्ग युद्ध एवं सुंदरता से भरे हैं क्योंकि कलिकाल के प्राणियों को लड़ाई बहुत अच्छी लगती है परंतु अपने परिवार की नहीं अन्य लोगों की।इस कारण से शुकदेव जी भागवत कथा का प्रारंभ महाभारत से करते हैं। उन्होंने कुंती स्तुति वर्णित करके कुंती की कथा सुनाई जो भगवान श्री कृष्ण से दुख और विपत्ति मांगती हैं क्योंकि सुख आने पर जीव परमात्मा को भूल जाता है। शुकदेवजी की झांकी भी दिखाई गई।
श्रीराम समारोह स्थल पर आयोजित कथा का यू ट्यूब पर “सलिल राधे” चैनल पर लाइव प्रसारण हो रहा है। कथा के अंत में श्रीमती किरन मित्तल,प्रिया मित्तल,कोमल मित्तल, हर्षिता मित्तल,आनंद मित्तल,मुकुंद मित्तल एवं दीपक मित्तल ने आरती की और सभी को प्रसाद वितरण किया।

Share This
Desk Etawah Live
Desk Etawah Livehttps://etawahlive.com/
इटावा से जुडी ख़बर हमें भेंजें, Email - etawah.news@gmail.com, Mob :- 7017070200
spot_img
अपनी खबर या कोई समस्या इटावा लाइव पर निशुल्क प्रकाशित करने हेतु हमें Whatsapp - 7017070200, Email – etawah.news@gmail.com पर जरुर भेंजें।

Read more

वोट करें

हमारा इटावा

इटावा में हुई थी ‘नदी नारे ना जाओ श्याम पैंया परूं’ गाने की शूटिंग

'नदी नाले ना जाओ श्याम पैंया परूं' गाने की शूटिंग इटावा के बीहड़ में हुई थी। यह गाना फ़िल्म 'मुझे जीने दो' का हिस्सा...

शिक्षाविद

डा0 यू0 एस0 शर्मा – प्रमुख शिक्षाविद, सर मदन लाल ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन के निदेशक

डा0 यू0 एस0 शर्मा का जन्म 10 जनवरी 1980 को उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के गांगरौल नामक गांव में हुआ। इनका पूरा नाम...

राजनीतिज्ञ

प्रदीप कुमार शर्मा: हिन्दू सेवा समिति के प्रमुख और इटावा के सबसे लोकप्रिय हिंदूवादी राजनीतिज्ञ

प्रदीप कुमार शर्मा का जन्म 20 जून 1987 को इटावा, उत्तर प्रदेश में हुआ था। उनके पिता का नाम श्री राजेन्द्र कुमार शर्मा और...

प्रशासनिक अधिकारी

जनता के साथ खड़े रहने वाले जिलाधिकारी इटावा शुभ्रांत कुमार शुक्ल(IAS)

शुभ्रांत कुमार शुक्ल का जन्म 1 जनवरी 1970 को उत्तर प्रदेश के बहराइच जनपद में हुआ। प्रारम्भिक जीवन से ही वे अध्ययन में अत्यंत...

प्रमुख संस्थान

एस.के. ग्रुप ऑफ सिक्योरिटी सर्विस : उत्तर प्रदेश की प्रमुख सिक्योरिटी सर्विस

सिक्योरिटी सर्विस के मामले में उत्तर प्रदेश सरकार ने 2005 में पसरा एक्ट का प्रावधान किया था। इस अद्यादेश के तहत, इटावा जनपद में...

चिकित्सक

डॉ. डी. के. दुबे : एक प्रख्यात हड्डी रोग विशेषज्ञ

जनपद इटावा सहित आस-पास के जिलों में हड्डी रोग विशेषज्ञ के रूप में डॉ. डी. के. दुबे का नाम प्रमुखता से लिया जाता है,...

चर्चित व्यक्तिव

राजनीति, कर्मचारी आंदोलन और शिक्षा, हरि किशोर तिवारी की बहुआयामी पहचान

इंजीनियर हरि किशोर तिवारी का नाम उत्तर प्रदेश के कर्मचारी आंदोलन, राजनीति और शिक्षा जगत में एक जाना-पहचाना नाम है। उन्होंने साधारण पृष्ठभूमि से...

पत्रकार

पत्रकारिता में नित नए आयाम स्थापित करती वंदना यादव की साहसिक यात्रा

इटावा के छोटे से बीहड़ी गांव मड़ैया अजबपुर की रहने वाली वंदना यादव, इस बात का जीता-जागता उदाहरण हैं कि बेटियां किसी से कम...

टॉप आर्टिकल्स

शरद तिवारी की अनमोल सेवा, लावारिस शवों को दिलाई गरिमामयी विदाई

शरद तिवारी: एक समर्पित समाजसेवी इटावा में शरद तिवारी का नाम समाज सेवा और मानवता के प्रति उनके अभूतपूर्व योगदान के लिए जाना जाता है।...

व्यवसायी

सर्वेश यादव : एक समर्पित समाजसेवी और सुरक्षा एजेंसी के प्रबंधक

सर्वेश यादव, जनपद इटावा ही नहीं पूरे प्रदेश की सबसे भरोसेमंद सिक्योरिटी एजेंसी "एस.के. ग्रुप ऑफ सिक्योरिटी सर्विस" के प्रबंधक हैं। वे एक व्यवहार...

समाजसेवी

शरद तिवारी की अनमोल सेवा, लावारिस शवों को दिलाई गरिमामयी विदाई

शरद तिवारी: एक समर्पित समाजसेवी इटावा में शरद तिवारी का नाम समाज सेवा और मानवता के प्रति उनके अभूतपूर्व योगदान के लिए जाना जाता है।...

पूर्व अधिकारी