गोरखपुर। शारदीय नवरात्रि की महानवमी के पावन अवसर पर सोमवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर स्थित श्री गोरखनाथ मंदिर में कन्या पूजन किया। इस दौरान उन्होंने कन्याओं को मां दुर्गा का स्वरूप मानकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। नवरात्रि के अंतिम दिन आयोजित इस धार्मिक अनुष्ठान के माध्यम से सनातन परंपरा में नारी शक्ति और देवी उपासना के महत्व को दर्शाया गया।

महानवमी का पर्व मां दुर्गा की आराधना के लिए विशेष महत्व रखता है। शारदीय नवरात्रि के नौवें दिन मां दुर्गा के सिद्धिदात्री स्वरूप की पूजा की जाती है। इस अवसर पर मंदिरों और घरों में विशेष पूजा-पाठ, हवन तथा कन्या पूजन जैसे धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जाते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कन्याओं में देवी का स्वरूप मानकर उनकी पूजा करना शक्ति उपासना की प्राचीन परंपरा का हिस्सा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखनाथ मंदिर में कन्याओं को देवी स्वरूप मानकर उनकी पूजा-अर्चना की। नवरात्रि के दौरान कन्या पूजन को विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व दिया जाता है। इस परंपरा में कन्याओं के सम्मान, श्रद्धा और सेवा का भाव प्रमुख माना जाता है। महानवमी पर कन्या पूजन के साथ श्रद्धालु मां दुर्गा के प्रति अपनी आस्था व्यक्त करते हैं और सुख-समृद्धि की कामना करते हैं।
गोरखनाथ मंदिर गोरखपुर की प्रमुख धार्मिक पहचान होने के साथ ही नाथ संप्रदाय की महत्वपूर्ण पीठ है। यहां विभिन्न धार्मिक पर्वों और त्योहारों पर पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार पूजा-अर्चना की जाती है। शारदीय नवरात्रि के दौरान देवी उपासना से जुड़े अनुष्ठानों का विशेष महत्व रहता है। महानवमी पर मुख्यमंत्री द्वारा किया गया कन्या पूजन इसी धार्मिक परंपरा का हिस्सा रहा।
सनातन धर्म में नवरात्रि को शक्ति की आराधना का पर्व माना जाता है। नौ दिनों तक चलने वाले इस पर्व में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है। अष्टमी और नवमी के अवसर पर अनेक श्रद्धालु कन्या पूजन कर नवरात्रि के अनुष्ठानों का समापन करते हैं। कन्याओं को देवी का स्वरूप मानकर उनका सम्मान करना इस परंपरा का प्रमुख भाव है।
महानवमी के अवसर पर गोरखनाथ मंदिर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का कन्या पूजन धार्मिक आस्था और परंपरा से जुड़ा आयोजन रहा। इस दौरान कन्याओं को मां दुर्गा का स्वरूप मानकर उनकी पूजा-अर्चना की गई। नवरात्रि के समापन के साथ ही श्रद्धालुओं ने देवी आराधना के इस पावन पर्व को श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया।
