सैफई, इटावा। उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय (UPUMS), सैफई में विश्व एनेस्थीसिया दिवस 2026 के अवसर पर 16 अक्टूबर को एनेस्थीसिया एवं क्रिटिकल केयर विभाग की ओर से वॉकाथॉन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य सर्जरी से पहले, सर्जरी के दौरान और सर्जरी के बाद मरीजों की सुरक्षित एवं प्रभावी देखभाल में एनेस्थीसियोलॉजिस्ट की महत्वपूर्ण भूमिका के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के संकाय सदस्यों, जूनियर एवं सीनियर रेजिडेंट्स तथा विभागीय कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की और स्वास्थ्य, फिटनेस, जागरूकता तथा टीम भावना का संदेश दिया।

विश्व एनेस्थीसिया दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम का संरक्षण विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) अजय सिंह ने किया, जबकि आयोजन विभागाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) उषा शुक्ला के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। कार्यक्रम की थीम “Before, During and Beyond – Anaesthesiologists Along the Patient Pathway” रखी गई। इस थीम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि एनेस्थीसियोलॉजिस्ट की भूमिका केवल ऑपरेशन के दौरान मरीज को एनेस्थीसिया देने तक सीमित नहीं है, बल्कि मरीज की सर्जरी से पहले की तैयारी, ऑपरेशन के समय उसकी स्थिति की निगरानी और सर्जरी के बाद सुरक्षित देखभाल तक फैली होती है।
वॉकाथॉन के माध्यम से एनेस्थीसिया चिकित्सा के महत्व को आमजन और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया गया। किसी भी सर्जरी के दौरान मरीज की सुरक्षा सुनिश्चित करने में एनेस्थीसियोलॉजिस्ट की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। सर्जरी से पहले मरीज की स्वास्थ्य स्थिति का आकलन, एनेस्थीसिया की उपयुक्त योजना तैयार करना, ऑपरेशन के दौरान मरीज के महत्वपूर्ण शारीरिक संकेतों की निगरानी तथा सर्जरी के बाद दर्द नियंत्रण और रिकवरी में सहयोग जैसे कार्य उपचार प्रक्रिया के अहम हिस्से हैं। कार्यक्रम की थीम ने इसी व्यापक जिम्मेदारी को रेखांकित किया।
विश्वविद्यालय में आयोजित वॉकाथॉन में विभिन्न विभागों के चिकित्सकों और कर्मचारियों की भागीदारी ने स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता के साथ सामूहिक सहभागिता का संदेश भी दिया। ऐसे आयोजन चिकित्सा क्षेत्र में कार्यरत पेशेवरों को मरीजों की सुरक्षा और बेहतर उपचार के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को और प्रभावी ढंग से निभाने के लिए प्रेरित करते हैं। साथ ही, स्वास्थ्य एवं फिटनेस को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने की आवश्यकता पर भी ध्यान आकर्षित करते हैं।
एनेस्थीसिया एवं क्रिटिकल केयर विभाग की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि सुरक्षित एनेस्थीसिया बेहतर उपचार व्यवस्था का एक अनिवार्य अंग है। सर्जरी के दौरान मरीज की स्थिति पर लगातार नजर रखना, संभावित जटिलताओं के प्रति सतर्क रहना और आवश्यकता के अनुसार समय पर चिकित्सकीय हस्तक्षेप करना मरीज की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण होता है। एनेस्थीसियोलॉजिस्ट की विशेषज्ञता सर्जरी की पूरी प्रक्रिया में मरीज को सुरक्षित रखने और उपचार के बाद उसकी रिकवरी में सहायता करने में महत्वपूर्ण योगदान देती है।
कार्यक्रम का समन्वयन डॉ. शुचि, डॉ. दीपिका एवं डॉ. पूर्वा द्वारा किया गया। आयोजन को सफल बनाने में विभागीय स्तर पर समन्वय और सहभागिता की महत्वपूर्ण भूमिका रही। विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के संकाय सदस्यों, जूनियर एवं सीनियर रेजिडेंट्स और कर्मचारियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को सामूहिक जागरूकता का स्वरूप प्रदान किया।
उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय, सैफई चिकित्सा शिक्षा, उपचार और मरीजों की देखभाल के क्षेत्र में सुरक्षित एवं प्रभावी चिकित्सा पद्धतियों के महत्व को रेखांकित करता रहा है। विश्व एनेस्थीसिया दिवस पर आयोजित वॉकाथॉन इसी दिशा में जागरूकता बढ़ाने की पहल रही। कार्यक्रम के माध्यम से विश्वविद्यालय ने सुरक्षित एनेस्थीसिया, बेहतर उपचार और मरीजों की समग्र देखभाल के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का संदेश दिया।
