शारदीय नवरात्र के अवसर पर महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान एवं सशक्तीकरण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से इटावा में मिशन शक्ति फेज-6 के अंतर्गत पैदल मार्च निकाला गया। सदर विधायक सरिता भदौरिया ने हरी झंडी दिखाकर पैदल मार्च को रवाना किया। कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी शुभ्रांत कुमार शुक्ल और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बृजेश कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में महिला सुरक्षा और नारी सशक्तीकरण का संदेश दिया गया। इस पहल का उद्देश्य समाज में महिलाओं के प्रति सम्मान की भावना को मजबूत करने के साथ ही महिला सुरक्षा के प्रति लोगों को जागरूक करना रहा।

शारदीय नवरात्र के दौरान मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की पूजा-अर्चना की जाती है। इसी अवसर पर मिशन शक्ति फेज-6 के तहत आयोजित पैदल मार्च के माध्यम से महिलाओं की गरिमा, सुरक्षा और अधिकारों के प्रति जागरूकता का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में सदर विधायक सरिता भदौरिया ने पैदल मार्च को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। जिला प्रशासन और पुलिस के नेतृत्व में आयोजित इस गतिविधि के जरिए महिला सुरक्षा को सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में अपनाने और महिलाओं को सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।
मिशन शक्ति अभियान का प्रमुख उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा तथा उपलब्ध सहायता व्यवस्था के प्रति जागरूक करना है। अभियान के माध्यम से समाज में यह संदेश पहुंचाने का प्रयास किया जाता है कि महिलाओं की सुरक्षा केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि परिवार और समाज के प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व भी है। महिलाओं के प्रति सम्मानजनक व्यवहार, उनकी समस्याओं के प्रति संवेदनशीलता और जरूरत पड़ने पर सहायता उपलब्ध कराने की तत्परता एक सुरक्षित समाज के निर्माण के लिए आवश्यक है।
इटावा में निकाले गए पैदल मार्च के माध्यम से महिला सुरक्षा, सम्मान और सशक्तीकरण से जुड़े संदेश को जन-जन तक पहुंचाने पर जोर दिया गया। ऐसे जागरूकता कार्यक्रम महिलाओं और बालिकाओं को अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने तथा किसी भी प्रकार की परेशानी की स्थिति में उचित सहायता प्राप्त करने के लिए प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसके साथ ही समाज में महिलाओं के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने और भेदभाव रहित वातावरण बनाने का संदेश भी दिया गया।
कार्यक्रम में जिलाधिकारी शुभ्रांत कुमार शुक्ल और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बृजेश कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में महिला सुरक्षा तथा सशक्तीकरण को लेकर जागरूकता का संदेश दिया गया। जिला प्रशासन और पुलिस की सहभागिता ऐसे अभियानों को प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण मानी जाती है। महिला सुरक्षा से जुड़े विषयों पर लोगों को जागरूक करना, महिलाओं और बालिकाओं को सहायता व्यवस्था की जानकारी देना तथा समाज में सुरक्षा के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना इस तरह की गतिविधियों के प्रमुख उद्देश्य हैं।
मिशन शक्ति फेज-6 के तहत आयोजित पैदल मार्च ने महिला सुरक्षा के मुद्दे को प्रमुखता से सामने रखा। अभियान के जरिए यह संदेश दिया गया कि महिलाओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के लिए सामाजिक जागरूकता, प्रशासनिक प्रयास और जनसहभागिता तीनों आवश्यक हैं। महिलाओं के सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए प्रत्येक व्यक्ति को अपनी भूमिका समझनी चाहिए।
शारदीय नवरात्र में शक्ति स्वरूपा मां दुर्गा की आराधना के बीच मिशन शक्ति के तहत आयोजित यह कार्यक्रम महिला सम्मान और सशक्तीकरण के संदेश से जुड़ा रहा। महिलाओं को समाज में समान अवसर, सुरक्षा और सम्मान मिलना विकास की महत्वपूर्ण शर्त है। जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से बालिकाओं और महिलाओं को आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने तथा अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने के लिए प्रेरित किया जाता है।
नारी सशक्तीकरण का अर्थ महिलाओं को सुरक्षा प्रदान करने के साथ-साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनने, निर्णय लेने और सामाजिक जीवन में सक्रिय भागीदारी के अवसर उपलब्ध कराना भी है। जब समाज महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान के प्रति संवेदनशील होता है, तब उनके लिए आगे बढ़ने का वातावरण मजबूत होता है। मिशन शक्ति के अंतर्गत आयोजित पैदल मार्च इसी सोच को आगे बढ़ाने की पहल रहा।
इटावा में मिशन शक्ति फेज-6 के अंतर्गत निकाले गए पैदल मार्च के माध्यम से महिला सुरक्षा, सम्मान और सशक्तीकरण का संदेश दिया गया। सदर विधायक सरिता भदौरिया ने हरी झंडी दिखाकर मार्च को रवाना किया, जबकि जिलाधिकारी शुभ्रांत कुमार शुक्ल और एसएसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में जागरूकता अभियान संचालित किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा समाज में उनके सम्मान और अधिकारों के प्रति जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करना रहा।
