सैफई/इटावा। उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय (यूपीयूएमएस) सैफई द्वारा सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत स्वास्थ्य जागरूकता को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से सामुदायिक स्तर पर विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। विश्वविद्यालय के माइक्रोबायोलॉजी विभाग की ओर से 6 अक्टूबर 2026 को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) सैफई में राष्ट्रीय वायरल हेपेटाइटिस नियंत्रण कार्यक्रम (एनवीएचसीपी) प्रयोगशाला से संबंधित जागरूकता गतिविधि आयोजित कर लोगों को वायरल हेपेटाइटिस के प्रति जागरूक किया गया।

यह कार्यक्रम कुलपति प्रो. (डॉ.) अजय सिंह के मार्गदर्शन तथा माइक्रोबायोलॉजी विभागाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) राजेश कुमार वर्मा के निर्देशन में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण एवं स्थानीय समुदाय को वायरल हेपेटाइटिस के लक्षणों, समय पर जांच और रोकथाम के उपायों के प्रति जागरूक बनाना था, ताकि बीमारी की पहचान शुरुआती चरण में हो सके और इसके प्रसार को रोका जा सके।
जागरूकता अभियान के दौरान स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने उपस्थित लोगों को वायरल हेपेटाइटिस के विभिन्न लक्षणों, संक्रमण के कारणों तथा इससे होने वाली स्वास्थ्य जटिलताओं की जानकारी दी। साथ ही बताया गया कि एनवीएचसीपी के अंतर्गत उपलब्ध जांच सुविधाओं का लाभ उठाकर समय रहते बीमारी का पता लगाया जा सकता है। लोगों को यह भी बताया गया कि सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में कई जांच सेवाएं निःशुल्क उपलब्ध हैं, जिनका लाभ उठाकर गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है।
कार्यक्रम में मौजूद विशेषज्ञों ने स्वच्छता, सुरक्षित खानपान, संक्रमित रक्त से बचाव, सुरक्षित चिकित्सीय प्रक्रियाओं तथा व्यक्तिगत स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि वायरल हेपेटाइटिस के प्रति जागरूकता और समय पर जांच ही इसके नियंत्रण का सबसे प्रभावी माध्यम है। जागरूकता के अभाव में यह बीमारी गंभीर रूप धारण कर सकती है, इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को इसके लक्षणों और बचाव के उपायों की जानकारी होना आवश्यक है।
इस अभियान में एनवीएचसीपी (प्रयोगशाला) के नोडल अधिकारी डॉ. विश्वनाथ सिंह यादव, डॉ. प्रांशु पांडेय तथा जूनियर रेजिडेंट्स ने सक्रिय भूमिका निभाई। टीम ने लोगों के सवालों के जवाब देकर उन्हें स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक जानकारी प्रदान की और बीमारी की रोकथाम के लिए अपनाई जाने वाली सावधानियों से अवगत कराया।
यूपीयूएमएस प्रशासन का कहना है कि विश्वविद्यालय केवल उपचार सेवाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने और रोगों की रोकथाम के लिए भी लगातार कार्य कर रहा है। सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित इस प्रकार की गतिविधियां ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिक्षा को मजबूत करने, समय पर रोग पहचान सुनिश्चित करने तथा निवारक स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। विश्वविद्यालय भविष्य में भी इसी प्रकार के जनजागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को बेहतर स्वास्थ्य के प्रति प्रेरित करता रहेगा।
