इटावा। आगामी विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर निर्वाचन विभाग की तैयारियां लगातार तेज होती जा रही हैं। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के क्रम में जनपद इटावा में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM), बैलेट यूनिट (BU), कंट्रोल यूनिट (CU) एवं वीवीपैट (VVPAT) मशीनों की प्रथम स्तरीय जांच यानी एफएलसी (First Level Checking) का कार्य निर्धारित प्रक्रिया के तहत संपन्न कराया गया। एफएलसी कार्य के 20वें एवं अंतिम दिन वेयरहाउस में विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी रही। इस दौरान समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष प्रदीप शाक्य ‘बबलू’ सहित पार्टी के अन्य पदाधिकारी और विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने वेयरहाउस पहुंचकर एफएलसी प्रक्रिया का अवलोकन किया।
अंतिम दिन समाजवादी पार्टी जिलाध्यक्ष प्रदीप शाक्य ‘बबलू’ के साथ जिला उपाध्यक्ष चच्चू शुक्ला, सचिव प्रवीन कुशवाह समेत पार्टी के अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में निर्वाचन विभाग द्वारा ईवीएम, बीयू, सीयू और वीवीपैट मशीनों से संबंधित जांच प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया। चुनाव प्रक्रिया में राजनीतिक दलों की सहभागिता और मशीनों की जांच को लेकर प्रतिनिधियों को आवश्यक जानकारी भी उपलब्ध कराई गई।
एफएलसी प्रक्रिया निर्वाचन व्यवस्था का महत्वपूर्ण चरण माना जाता है। इसके तहत चुनाव में इस्तेमाल होने वाली मशीनों की तकनीकी स्थिति की जांच की जाती है, ताकि मतदान के समय किसी प्रकार की तकनीकी समस्या उत्पन्न न हो। बैलेट यूनिट, कंट्रोल यूनिट और वीवीपैट से संबंधित व्यवस्थाओं का परीक्षण निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार किया जाता है। मशीनों की जांच के दौरान उनकी कार्यक्षमता तथा निर्वाचन प्रक्रिया में उपयोग के लिए उनकी उपयुक्तता सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाता है।
निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के उद्देश्य से राजनीतिक दलों के अधिकृत प्रतिनिधियों को एफएलसी के दौरान मौजूद रहने का अवसर दिया जाता है। इटावा में भी एफएलसी कार्य के अंतिम दिन विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने वेयरहाउस पहुंचकर प्रक्रिया को देखा। इससे राजनीतिक दलों को निर्वाचन विभाग की ओर से अपनाई जा रही तकनीकी जांच और तैयारियों की जानकारी प्राप्त हुई।
सपा जिलाध्यक्ष प्रदीप शाक्य ‘बबलू’ का वेयरहाउस पहुंचना भी इसी क्रम का हिस्सा रहा। उनके साथ मौजूद पार्टी पदाधिकारियों ने एफएलसी प्रक्रिया का निरीक्षण किया। इस दौरान ईवीएम से जुड़ी व्यवस्थाओं और आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर निर्वाचन विभाग की तैयारियों की जानकारी ली गई। विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में प्रक्रिया संपन्न होने से चुनावी तैयारियों में पारदर्शिता का संदेश भी गया।
ईवीएम, बीयू, सीयू और वीवीपैट की एफएलसी प्रक्रिया निर्धारित कार्यक्रम के तहत 20 दिनों तक चली। अंतिम दिन प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही इस चरण की तैयारियां पूरी हो गईं। आगामी विधानसभा चुनाव 2027 को देखते हुए निर्वाचन विभाग द्वारा मशीनों को सुरक्षित रखने और आगे की निर्वाचन प्रक्रिया के लिए तैयार करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
चुनाव के दौरान ईवीएम और वीवीपैट की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। मतदाता द्वारा अपने पसंदीदा प्रत्याशी के पक्ष में मतदान करने के बाद वीवीपैट के माध्यम से मत की पुष्टि संबंधी जानकारी दिखाई देती है। ऐसे में चुनाव से पहले मशीनों की जांच और तकनीकी परीक्षण को निर्वाचन प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। एफएलसी के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाता है कि चुनाव के समय इस्तेमाल होने वाली मशीनें निर्धारित मानकों के अनुरूप हों।
आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर निर्वाचन आयोग की ओर से मतदाता सूची से लेकर मतदान केंद्रों, ईवीएम-वीवीपैट, सुरक्षा व्यवस्था और अन्य व्यवस्थाओं पर लगातार काम किया जा रहा है। इसी क्रम में एफएलसी प्रक्रिया पूरी होना भी चुनावी तैयारियों में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। निर्वाचन विभाग का प्रयास है कि मतदान के दिन किसी प्रकार की तकनीकी अथवा प्रशासनिक समस्या के कारण मतदान प्रक्रिया प्रभावित न हो।
राजनीतिक दलों की ओर से भी चुनावी तैयारियों पर नजर रखी जा रही है। एफएलसी जैसे महत्वपूर्ण चरण में विभिन्न दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी यह सुनिश्चित करने में मदद करती है कि प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुसार और पारदर्शी तरीके से संचालित हो। राजनीतिक दलों को निर्वाचन संबंधी प्रक्रियाओं की जानकारी उपलब्ध कराना और उनकी शंकाओं का समाधान करना भी निष्पक्ष चुनाव व्यवस्था का अहम हिस्सा है।
एफएलसी के 20वें एवं अंतिम दिन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब आगामी विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर निर्वाचन विभाग की तैयारियां अगले चरण में प्रवेश करेंगी। चुनाव की घोषणा होने के बाद मतदान केंद्रों की अंतिम व्यवस्थाओं, कार्मिकों की तैनाती, प्रशिक्षण, सुरक्षा व्यवस्था और अन्य निर्वाचन संबंधी कार्यों को तेजी दी जाएगी। फिलहाल ईवीएम, बीयू, सीयू और वीवीपैट की जांच प्रक्रिया पूरी होना विभाग के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
वेयरहाउस में अंतिम दिन विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी के बीच हुई प्रक्रिया ने यह भी स्पष्ट किया कि आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दल और निर्वाचन तंत्र दोनों अपनी-अपनी तैयारियों को लेकर सक्रिय हैं। समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष प्रदीप शाक्य ‘बबलू’, जिला उपाध्यक्ष चच्चू शुक्ला, सचिव प्रवीन कुशवाह सहित अन्य प्रतिनिधियों की मौजूदगी में एफएलसी प्रक्रिया का अवलोकन किया गया।
आगामी विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर जनपद में निर्वाचन संबंधी गतिविधियां आने वाले दिनों में और तेज होने की संभावना है। निर्वाचन विभाग की ओर से चुनाव को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष, पारदर्शी और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां चरणबद्ध तरीके से की जा रही हैं। एफएलसी के अंतिम दिन की प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही चुनावी मशीनरी ने तैयारियों के एक महत्वपूर्ण चरण को पूरा कर लिया है।
