सैफई/मैनपुरी। बच्चों में वायरल संक्रमण की रोकथाम और बचाव को लेकर उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय (यूपीयूएमएस), सैफई के माइक्रोबायोलॉजी विभाग की ओर से 30 सितंबर 2026 को ग्राम नदरेला, मैनपुरी स्थित प्राथमिक विद्यालय में आउटरीच अवेयरनेस कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य स्कूली बच्चों और विद्यालय स्टाफ को वायरल संक्रमण से बचाव, स्वच्छता तथा स्वस्थ आदतों के प्रति जागरूक करना रहा।

यह जागरूकता कार्यक्रम यूपीयूएमएस सैफई के कुलपति प्रो. (डॉ.) अजय सिंह के मार्गदर्शन एवं माइक्रोबायोलॉजी विभाग के प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डॉ. राजेश कुमार वर्मा के पर्यवेक्षण में आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने बच्चों को सामान्य वायरल संक्रमणों से बचाव के लिए अपनाई जाने वाली सावधानियों के बारे में सरल और व्यवहारिक तरीके से जानकारी दी, ताकि बच्चे दैनिक जीवन में इन उपायों को आसानी से अपना सकें।
कार्यक्रम में प्रो. (डॉ.) अमित सिंह ने विद्यालय के विद्यार्थियों एवं स्टाफ से संवाद करते हुए हाथों की स्वच्छता यानी हैंड हाइजीन के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नियमित रूप से सही तरीके से हाथ धोना संक्रमण के प्रसार को रोकने की दिशा में एक महत्वपूर्ण आदत है। बच्चों को भोजन करने से पहले और शौचालय के उपयोग के बाद हाथों की स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने के लिए प्रेरित किया गया।
इसके साथ ही बच्चों को कफ एटिकेट यानी खांसने और छींकने के दौरान अपनाई जाने वाली सावधानियों के बारे में भी बताया गया। उन्हें समझाया गया कि खांसते या छींकते समय मुंह और नाक को ढकना चाहिए तथा आसपास के लोगों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए स्वच्छता संबंधी आदतों का पालन करना चाहिए। बच्चों को व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखने, साफ-सफाई पर ध्यान देने और संक्रमण के लक्षण दिखाई देने पर उचित चिकित्सकीय सलाह लेने के लिए भी जागरूक किया गया।
आउटरीच कार्यक्रम के दौरान बच्चों के साथ संवादात्मक तरीके से संक्रमण से बचाव के विभिन्न उपायों पर चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने बच्चों को बताया कि स्वच्छ वातावरण, नियमित हाथों की सफाई, खांसने-छींकने के दौरान सावधानी और स्वस्थ दिनचर्या अपनाकर संक्रमण के जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को केवल जानकारी देना ही नहीं, बल्कि उन्हें इन अच्छी आदतों को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित करना भी रहा।
कार्यक्रम में डॉ. विश्वनाथ सिंह यादव, डॉ. प्रांशु पांडेय तथा जूनियर रेजिडेंट ने सक्रिय सहयोग प्रदान किया। टीम के सदस्यों ने विद्यालय के विद्यार्थियों और स्टाफ के साथ संवाद करते हुए उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया तथा संक्रमण से बचाव से संबंधित आवश्यक जानकारी साझा की। विद्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम में बच्चों ने भी उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
यूपीयूएमएस सैफई के माइक्रोबायोलॉजी विभाग की ओर से आयोजित इस तरह के सामुदायिक आउटरीच कार्यक्रमों का उद्देश्य चिकित्सा संस्थान की विशेषज्ञता को समुदाय तक पहुंचाना और लोगों को स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराना है। विद्यालय स्तर पर बच्चों को स्वास्थ्य एवं स्वच्छता के प्रति जागरूक करने से स्वस्थ आदतों को प्रारंभिक अवस्था से ही विकसित करने में मदद मिलती है।
कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों और स्थानीय समुदाय में संक्रमण की रोकथाम, व्यक्तिगत स्वच्छता और स्वस्थ जीवनशैली को लेकर जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया गया। स्थानीय स्तर पर आयोजित इस पहल को विद्यालय परिवार और समुदाय की ओर से सराहा गया। यूपीयूएमएस प्रशासन की ओर से भी जनहित से जुड़े ऐसे स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रमों को महत्वपूर्ण बताया गया है।
कार्यक्रम के अंत में बच्चों को स्वच्छ आदतें अपनाने, संक्रमण से बचाव के उपायों का पालन करने तथा अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी स्वास्थ्य एवं स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के लिए प्रेरित किया गया। यूपीयूएमएस सैफई की ओर से जनस्वास्थ्य और रोगों की रोकथाम को लेकर भविष्य में भी इस प्रकार की जागरूकता गतिविधियां आयोजित किए जाने पर जोर दिया जा रहा है।
