इटावा। धर्मनगरी इष्टिकापुरी के धार्मिक इतिहास में एक और महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ने जा रहा है। श्री 1008 पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर, लालपुरा में 1 से 9 अक्टूबर तक नौ दिवसीय श्री 1008 इन्द्रध्वज महामंडल विधान एवं विश्वशांति महायज्ञ का भव्य आयोजन किया जाएगा। इस धार्मिक आयोजन को लेकर जैन समाज में व्यापक उत्साह देखा जा रहा है और तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं।
यह आयोजन आचार्य श्री विराग सागर जी महाराज के शिष्य एवं पट्टाचार्य आचार्य श्री 108 विशुद्ध सागर महाराज के आज्ञानुवर्ती शिष्य मुनि श्री 108 विशल्य सागर महाराज ससंघ के सान्निध्य में संपन्न होगा। धार्मिक अनुष्ठान के दौरान श्रद्धालुओं को पूजा, विधान, प्रवचन एवं अन्य आध्यात्मिक गतिविधियों में भाग लेने का अवसर प्राप्त होगा।
आयोजकों के अनुसार श्री 1008 इन्द्रध्वज महामंडल विधान जैन धर्म का एक अत्यंत पुण्यदायी और प्रभावशाली धार्मिक अनुष्ठान माना जाता है। यह विधान श्रद्धालुओं की मनोकामनाओं की पूर्ति, आत्मिक उन्नति तथा रिद्धि-सिद्धि की प्राप्ति के लिए किया जाता है। नौ दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
धार्मिक अनुष्ठान के साथ-साथ विश्वशांति महायज्ञ का भी आयोजन किया जाएगा। इसके माध्यम से विश्व में शांति, सौहार्द, सुख-समृद्धि और मानव कल्याण की मंगलकामना की जाएगी। आयोजन समिति का कहना है कि वर्तमान समय में वैश्विक शांति और सामाजिक सद्भाव की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए इस महायज्ञ का विशेष महत्व है।
आयोजन की तैयारियों को गति देने के लिए कार्यक्रम की आधिकारिक पत्रिका का विमोचन भी किया गया। मुनि श्री विशल्य सागर महाराज ससंघ के सान्निध्य में आयोजित कार्यक्रम में आयोजन समिति के अध्यक्ष संजू जैन ठेकेदार, अभय जैन तथा समाज के अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे। पत्रिका विमोचन के दौरान धार्मिक आयोजन की रूपरेखा और विभिन्न कार्यक्रमों की जानकारी साझा की गई।
इस अवसर पर विवेक जैन, पूरन जैन, दिलीप जैन, रीतेश जैन, बंटी बनारस, मोहित अग्रवाल, पारस जैन सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित रहे। सभी ने आयोजन को सफल बनाने के लिए सहयोग और सहभागिता का संकल्प लिया।
स्वर्णिम वर्षायोग साधु सेवा समिति के तत्वावधान में आयोजित होने वाले इस धार्मिक महोत्सव को लेकर जैन समाज में विशेष उत्साह है। आयोजन समिति ने श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर धर्मलाभ प्राप्त करने तथा विश्वशांति और मानव कल्याण की प्रार्थना में सहभागी बनने का आह्वान किया है।
नौ दिनों तक चलने वाला यह आयोजन धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। श्रद्धालुओं को मुनि श्री विशल्य सागर महाराज ससंघ के सान्निध्य में धर्मोपदेश सुनने, पूजा-अर्चना करने और आध्यात्मिक वातावरण का लाभ प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। जैन समाज के लोगों का मानना है कि यह आयोजन धर्मनगरी इष्टिकापुरी की धार्मिक परंपराओं को नई ऊंचाई प्रदान करेगा।
