सैफई। सेवा संकल्प पखवाड़ा के अंतर्गत उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय (UPUMS) सैफई के फार्माकोलॉजी विभाग की ओर से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) सैफई में Adverse Drug Reactions (ADR) यानी दवाओं के प्रतिकूल प्रभावों की पहचान, रोकथाम और समयबद्ध रिपोर्टिंग को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य स्वास्थ्यकर्मियों को दवाओं के सुरक्षित एवं तर्कसंगत उपयोग के प्रति जागरूक करना तथा प्रतिकूल दवा प्रतिक्रियाओं की जानकारी समय पर दर्ज कराने की प्रक्रिया को प्रभावी बनाना रहा।

कार्यक्रम का नेतृत्व AMC समन्वयक डॉ. आशा पाठक ने किया। इस दौरान चिकित्सकों, मेडिकल ऑफिसर्स, एएनएम सहित विभिन्न स्वास्थ्यकर्मियों ने सक्रिय सहभागिता की। प्रतिभागियों को बताया गया कि दवाओं का उपयोग चिकित्सकीय सलाह और निर्धारित मात्रा के अनुसार किया जाना चाहिए। किसी दवा के सेवन के बाद सामने आने वाले असामान्य या प्रतिकूल प्रभावों की समय रहते पहचान मरीज की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।
जागरूकता कार्यक्रम में ADR की पहचान से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर जानकारी दी गई। स्वास्थ्यकर्मियों को बताया गया कि किसी दवा के उपयोग के बाद मरीज में प्रतिकूल प्रतिक्रिया दिखाई देने पर उसे नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। ऐसी घटनाओं की उचित तरीके से जानकारी दर्ज करना और निर्धारित प्रक्रिया के तहत समयबद्ध रिपोर्टिंग करना दवा सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
कार्यक्रम के दौरान दवाओं के सुरक्षित एवं तर्कसंगत उपयोग पर भी विशेष जोर दिया गया। प्रतिभागियों को दवाओं के इस्तेमाल के दौरान मरीज की स्थिति पर निगरानी रखने, संभावित प्रतिकूल प्रभावों को पहचानने और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित चिकित्सकीय स्तर पर इसकी जानकारी देने के संबंध में जागरूक किया गया। स्वास्थ्यकर्मियों से कहा गया कि वे मरीजों को भी दवाओं के सही उपयोग और संभावित प्रतिकूल प्रतिक्रियाओं के संबंध में आवश्यक जानकारी दें।
इस अवसर पर ADR रिपोर्टिंग के महत्व को भी विस्तार से रेखांकित किया गया। बताया गया कि प्रतिकूल दवा प्रतिक्रियाओं की रिपोर्टिंग से दवाओं की सुरक्षा संबंधी जानकारी को बेहतर ढंग से समझने में मदद मिलती है। इसके साथ ही भविष्य में मरीजों को सुरक्षित उपचार उपलब्ध कराने के प्रयासों को भी मजबूती मिलती है।
कार्यक्रम में जन-जागरूकता के लिए पम्फलेट भी वितरित किए गए। इनके माध्यम से दवाओं के सुरक्षित उपयोग, ADR की पहचान और रिपोर्टिंग से संबंधित आवश्यक जानकारी लोगों तक पहुंचाई गई। स्वास्थ्यकर्मियों ने भी जागरूकता संदेश को आम लोगों तक पहुंचाने पर जोर दिया, ताकि मरीज दवाओं के इस्तेमाल के दौरान होने वाली किसी भी असामान्य प्रतिक्रिया के प्रति सजग रहें।
UPUMS सैफई के फार्माकोलॉजी विभाग की इस पहल के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं में दवा सुरक्षा के महत्व को सामने लाया गया। कार्यक्रम में चिकित्सकीय एवं स्वास्थ्यकर्मियों की सहभागिता से ADR की पहचान और रिपोर्टिंग को लेकर व्यावहारिक जानकारी साझा की गई। आयोजकों ने सुरक्षित दवा उपयोग को बेहतर उपचार और मरीजों की सुरक्षा से जोड़ते हुए जागरूकता गतिविधियों को निरंतर आगे बढ़ाने पर जोर दिया।
कार्यक्रम के माध्यम से संदेश दिया गया कि सुरक्षित दवा उपयोग, बेहतर उपचार और सुरक्षित मरीज के लिए दवाओं के प्रतिकूल प्रभावों की समय पर पहचान और उचित रिपोर्टिंग आवश्यक है। सेवा संकल्प पखवाड़ा के तहत आयोजित इस जागरूकता कार्यक्रम से स्वास्थ्यकर्मियों में दवा सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया गया।
