इटावा, 28 सितंबर। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत जिलाधिकारी शुभ्रान्त कुमार शुक्ल एवं मुख्य विकास अधिकारी संजय कुमार सिंह ने विकासखंड बढ़पुरा की ग्राम पंचायत कांधनी में संचालित पीएम श्री विद्यालय कांधनी का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने विद्यालय में संचालित शैक्षणिक गतिविधियों, शिक्षण गुणवत्ता, आईसीटी लैब तथा विद्यालय परिसर की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने विद्यार्थियों से सीधे संवाद कर उनकी विषयगत समझ भी परखी।

जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी ने विभिन्न कक्षाओं में पहुंचकर विद्यार्थियों से सवाल पूछे। कक्षा-5 की छात्रा कु. प्रतिमा से 19 का पहाड़ा तथा छात्रा अनामिका से 12 का पहाड़ा सुना गया। वहीं छात्र आर्यन से 12×5 का प्रश्न पूछा गया। विद्यार्थियों ने पूछे गए प्रश्नों के संतोषजनक उत्तर दिए। अधिकारियों ने शिक्षकों को निर्देश दिए कि बच्चों की विषयगत समझ को मजबूत करने के लिए नियमित संवाद और मूल्यांकन की प्रक्रिया अपनाई जाए तथा गतिविधि आधारित शिक्षण को बढ़ावा दिया जाए।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने विद्यालय की आईसीटी लैब का भी जायजा लिया। इस दौरान करीब 15 विद्यार्थी कंप्यूटर पर शिक्षण कार्य करते हुए मिले और संबंधित शिक्षिका उपस्थित थीं। शिक्षिका ने बताया कि विद्यार्थियों को एमएस ऑफिस, पेंटिंग सहित विभिन्न कंप्यूटर आधारित गतिविधियों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। अधिकारियों ने विद्यार्थियों से पेंटिंग टूल, एक्सेल में चार्ट तैयार करने और क्यूआर कोड आदि के संबंध में जानकारी ली। विद्यार्थियों ने पूछे गए सवालों के संतोषजनक जवाब दिए।
आईसीटी आधारित शिक्षण गतिविधियों के प्रति विद्यार्थियों की समझ और रुचि को देखते हुए अधिकारियों ने विद्यालय में उपलब्ध डिजिटल संसाधनों का नियमित एवं प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बच्चों को कंप्यूटर और डिजिटल तकनीक का केवल सैद्धांतिक ज्ञान ही नहीं, बल्कि व्यावहारिक जानकारी भी उपलब्ध कराई जाए, जिससे वे बदलती तकनीकी आवश्यकताओं के अनुरूप अपनी दक्षता विकसित कर सकें।
विद्यालय परिसर के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने प्रवेश द्वार से प्रधानाध्यापक कक्ष तक सीसी/इंटरलॉकिंग युक्त पाथ-वे का निर्माण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यालय परिसर में विद्यार्थियों और शिक्षकों के आवागमन की सुविधाओं को बेहतर बनाया जाए। साथ ही विद्यालय की आवश्यक मूलभूत व्यवस्थाओं को व्यवस्थित और सुविधाजनक बनाए रखने पर भी जोर दिया।
निरीक्षण के क्रम में जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी ने विद्यालय परिसर में स्थित आंगनवाड़ी केंद्र का भी निरीक्षण किया। अधिकारियों ने केंद्र पर उपस्थित बच्चों से संवाद कर पोषण एवं प्रारंभिक शिक्षा से संबंधित गतिविधियों की जानकारी ली। इस अवसर पर बच्चों को पौष्टिक फल एवं मिठाई वितरित की गई। अधिकारियों ने बच्चों को नियमित रूप से आंगनवाड़ी केंद्र आने, पौष्टिक आहार ग्रहण करने तथा पढ़ाई और रचनात्मक गतिविधियों में रुचि लेने के लिए प्रेरित किया।
जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को विद्यालय एवं आंगनवाड़ी केंद्र की व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण एवं गतिविधि आधारित शिक्षा उपलब्ध कराने, आईसीटी लैब का प्रभावी उपयोग करने तथा कंप्यूटर एवं डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया। साथ ही बच्चों के पोषण, प्रारंभिक शिक्षा और सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर प्रयास करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि विद्यालयों में बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के साथ-साथ बच्चों में व्यावहारिक ज्ञान, डिजिटल दक्षता और रचनात्मक क्षमता विकसित करना आवश्यक है। इसके लिए शिक्षकों को विद्यार्थियों के साथ नियमित संवाद करते हुए उनकी सीखने की प्रगति का मूल्यांकन करना चाहिए।
निरीक्षण के दौरान खंड विकास अधिकारी बढ़पुरा गौरव पुरोहित, खंड शिक्षा अधिकारी अनुपम शुक्ला, परियोजना अधिकारी बाल विकास एवं पुष्टाहार बढ़पुरा, ग्राम प्रधान सहित संबंधित अधिकारी, कर्मचारी एवं अन्य उपस्थित रहे।
