इटावा। शहर स्थित श्री प्राचीन पंचायती दिगंबर जैन मंदिर, पंसारी टोला में दशलक्षण महापर्व के अंतिम दिन पूर्णिमा के पावन अवसर पर भगवान श्री शांतिनाथ का विधान श्रद्धा, भक्ति और धार्मिक उल्लास के साथ संपन्न हुआ। सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी और पूरा वातावरण भगवान शांतिनाथ की भक्ति में सराबोर नजर आया।

कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातःकाल भगवान के अभिषेक एवं शांतिधारा के साथ हुआ। पुजारी चौधरी स्वदेश जैन, सुनील जैन, दिलीप जैन एवं हेमंत जैन ने पीले वस्त्र धारण कर विधि-विधान एवं मंत्रोच्चार के साथ भगवान का अभिषेक कराया। शांतिधारा के दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान शांतिनाथ के जयकारे लगाए तथा विश्व शांति, सुख-समृद्धि और मंगल की कामना की।
इसके उपरांत पंडित सत्येंद्र जैन के निर्देशन में श्री शांतिनाथ विधान का आयोजन किया गया। विधान में श्रद्धालुओं ने पूरे भक्तिभाव के साथ विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया और भगवान शांतिनाथ की आराधना की। मंदिर परिसर में गूंजते मंत्रोच्चार, भजनों और आराधना के स्वर श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभूति प्रदान कर रहे थे। श्रद्धालुओं ने भगवान के चरणों में अर्घ्य समर्पित कर परिवार, समाज और राष्ट्र के कल्याण की प्रार्थना की।
विधान के दौरान महिला श्रद्धालुओं की सहभागिता विशेष रूप से देखने को मिली। महिला मंडल की सदस्यों ने भक्ति गीतों एवं मंगलाचरण की प्रस्तुतियों से धार्मिक आयोजन को और अधिक भव्य बना दिया। भक्ति संगीत और धार्मिक वातावरण के बीच श्रद्धालु भगवान की आराधना में लीन दिखाई दिए। महिलाओं द्वारा प्रस्तुत सामूहिक भजन एवं भक्ति नृत्य ने आयोजन में आध्यात्मिक उत्साह का संचार किया।
इस अवसर पर महिला मंडल की अध्यक्ष श्रीमती नीता जैन, ज्योति जैन, भारती जैन, ममता जैन, पूनम जैन, श्वेता जैन सहित बड़ी संख्या में महिला श्रद्धालु एवं समाज के गणमान्य लोग उपस्थित रहे। आयोजन के समापन पर श्रद्धालुओं ने भगवान शांतिनाथ के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया तथा जैन धर्म के आदर्शों को जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।
