ऊसराहार। ताखा तहसील क्षेत्र के 17 गांवों की भूमि को प्रस्तावित औद्योगिक गलियारे के लिए अधिग्रहित किए जाने के विरोध में किसान सभा ने किसानों के समर्थन में मोर्चा खोल दिया है। किसान सभा के नेतृत्व में आयोजित एक बैठक में किसान नेताओं ने प्रभावित किसानों की खेती, आजीविका और अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष में साथ खड़े रहने का भरोसा दिया। इसके बाद किसानों ने नारेबाजी करते हुए तहसील तक जुलूस निकाला और जिलाधिकारी के नाम संबोधित ज्ञापन तहसीलदार ताखा हरिलाल को सौंपा।
किसान सभा के पूर्व जिलाध्यक्ष नाथूराम यादव ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि भूमि अधिग्रहण की पूरी प्रक्रिया में ‘भूमि अधिग्रहण, पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम-2013’ सहित सभी वैधानिक प्रावधानों का पालन किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसानों को व्यक्तिगत रूप से सूचना दिए बिना भूमि की नाप-जोख, चिन्हांकन अथवा अधिग्रहण की कोई कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए। साथ ही किसानों की सहमति और आपत्तियों को विधिवत अभिलेखों में दर्ज किया जाना आवश्यक है।
किसान सभा के जिलाध्यक्ष मास्टर राम बृजेश ने कहा कि किसानों की आपत्तियों और कानूनी अधिकारों पर नियमानुसार विचार किए बिना किसी भी प्रकार की जबरन कार्रवाई स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि किसान अपनी जमीन को लेकर चिंतित हैं और प्रशासन को उनकी भावनाओं तथा अधिकारों का सम्मान करना चाहिए।
पूर्व जिलाध्यक्ष विश्राम सिंह ने प्रभावित गांवों में खुली बैठक और जनसुनवाई आयोजित करने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि औद्योगिक गलियारे की प्रस्तावित परियोजना, उसके दायरे, प्रभावित क्षेत्र तथा किसानों की आजीविका पर पड़ने वाले प्रभाव के संबंध में प्रशासन को पारदर्शी संवाद स्थापित करना चाहिए। साथ ही प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और वैकल्पिक व्यवस्थाओं की स्पष्ट जानकारी भी उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
सभा के दौरान किसान सभा के जिला संयुक्त सचिव शिवबचन सिंह ‘बच्चू’ ने किसानों की ओर से तैयार ज्ञापन को पढ़कर सुनाया। ज्ञापन में किसानों की असहमति, भूमि अधिग्रहण से जुड़ी आशंकाओं और विभिन्न मांगों को विस्तार से रखा गया। किसान नेताओं ने कहा कि यदि किसानों की चिंताओं का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
सभा को किसान सभा के उपाध्यक्ष शिवराम सिंह, वैद्य विश्राम सिंह, पूर्व ब्लॉक प्रमुख शिव प्रताप सिंह, प्रधानाचार्य विश्राम सिंह, धर्मेंद्र यादव तथा श्रीकृष्ण शाक्य सहित कई वक्ताओं ने संबोधित किया। सभी ने एक स्वर में किसानों के हितों की रक्षा और कानूनी अधिकारों के संरक्षण की बात कही।
सभा समाप्त होने के बाद बड़ी संख्या में किसान जुलूस के रूप में तहसील पहुंचे। हाथों में तख्तियां और बैनर लिए किसानों ने अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगाए और प्रशासन से भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में किसानों के अधिकारों का पूर्ण संरक्षण सुनिश्चित करने की मांग की। तहसीलदार हरिलाल को सौंपे गए ज्ञापन के माध्यम से किसानों ने अपनी आपत्तियां और मांगें जिलाधिकारी तक पहुंचाने का आग्रह किया।
