इटावा में भारतीय ज्ञान परंपरा और सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल शुरू की गई है। संस्कृति विभाग, उत्तर प्रदेश द्वारा ज्ञान भारतम् मिशन के अंतर्गत देशभर में उपलब्ध प्राचीन पांडुलिपियों, हस्तलिखित ग्रंथों एवं दुर्लभ दस्तावेजों के वैज्ञानिक संरक्षण, डिजिटलीकरण और अभिलेखीकरण का कार्य कराया जाएगा।
इस मिशन का उद्देश्य भारत की समृद्ध ज्ञान परंपरा और बौद्धिक विरासत को पुनर्जीवित कर शोधार्थियों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों के लिए सुलभ बनाना है। यह पहल विकसित भारत-2047 के विजन, डिजिटल इंडिया अभियान तथा विरासत और विकास के राष्ट्रीय संकल्प से जुड़ी हुई है।
जिला पर्यटन अधिकारी मोहित मनोहर सिंह ने बताया कि मिशन के तहत सरकारी एवं गैर सरकारी संस्थानों, मठों, मंदिरों, शैक्षणिक संस्थानों, निजी एवं सार्वजनिक पुस्तकालयों तथा व्यक्तियों के पास उपलब्ध पांडुलिपियों, ताड़पत्रों, भोजपत्रों एवं अन्य प्राचीन दस्तावेजों की पहचान, सर्वेक्षण, कैटालॉगिंग, संरक्षण और डिजिटलीकरण किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि जिन लोगों या संस्थानों के पास इस प्रकार की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक सामग्री उपलब्ध है, वे जिला पर्यटन एवं संस्कृति परिषद कार्यालय, विकास भवन परिसर प्रथम तल कक्ष संख्या-01, इटावा में संपर्क कर सकते हैं। इसके लिए मोबाइल नंबर 9450154137 भी जारी किया गया है।
अधिकारियों के अनुसार डिजिटाइज्ड पांडुलिपियों को ज्ञान भारतम् पोर्टल के माध्यम से आमजन के लिए उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे भारतीय ज्ञान परंपरा को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।
