लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार और उसके स्वास्थ्य मंत्री पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि जब लाखों रुपये लेकर चाल-चरित्र की बातें करने वाले भाजपा के स्वास्थ्य मंत्री के आर्थिक साझेदार बिना किसी जांच-पड़ताल और पुलिस वेरिफिकेशन के लोगों को संविदा पर नियुक्त करेंगे, तो ऐसे कुकृत्य होना स्वाभाविक है।
अखिलेश यादव ने अपने बयान में कहा कि इस पूरे मामले में जिम्मेदारी तय होनी चाहिए और सबसे पहले उसी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई शुरू होनी चाहिए, जो इस प्रक्रिया के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता की कमी है, जिसके चलते इस प्रकार की घटनाएं सामने आ रही हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को नियुक्ति प्रक्रिया को पारदर्शी और जवाबदेह बनाना चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह के मामलों की पुनरावृत्ति न हो। सपा अध्यक्ष के इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज होने की संभावना है।
