बकेवर:- जनता कॉलेज बकेवर, इटावा की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई द्वारा आयोजित सात दिवसीय विशेष शिविर के चतुर्थ दिवस का शुभारंभ प्रातःकालीन योग एवं प्राणायाम सत्र से हुआ। कार्यक्रम अधिकारी डॉ. मनोज कुमार यादव के नेतृत्व में स्वयंसेवकों ने विभिन्न योगासन एवं प्राणायाम का अभ्यास किया। इस अवसर पर डॉ. यादव ने योग के शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक आयामों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि “योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि जीवन को संतुलित और अनुशासित बनाने की एक समग्र पद्धति है।

नियमित योग से एकाग्रता,आत्मविश्वास एवं सकारात्मक ऊर्जा का विकास होता है, जो राष्ट्र सेवा के लिए अत्यंत आवश्यक है।” विशेष शिविर का आयोजन कालेज के प्राचार्य प्रो. राजेश किशोर त्रिपाठी के दिशा-निर्देशन में संपन्न हो रहा है। प्रथम तकनीकी सत्र में ‘पोषण जागरूकता अभियान’ के अंतर्गत एक विचार गोष्ठी आयोजित की गई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उप-मुख्य चिकित्सा अधिकारी, इटावा डॉ. यतीन्द्र कुमार राजपूत ने स्वास्थ्य एवं पोषण पर विस्तृत व्याख्यान देते हुए कहा कि “संतुलित आहार ही स्वस्थ जीवन की आधारशिला है।
आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली में जंक फूड और अनियमित दिनचर्या अनेक बीमारियों को जन्म दे रही है। यदि हम संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच को अपनाएं, तो अधिकांश बीमारियों से बचा जा सकता है।” उन्होंने मधुमेह, उच्च रक्तचाप, एनीमिया एवं कुपोषण जैसी समस्याओं और उनके बचाव के उपायों पर भी प्रकाश डाला। विशिष्ट अतिथि लार्ड मदर स्कूल के प्रबंधक पप्पन जी ने अपने अनुभव साझा करते हुए स्वयंसेवकों को अनुशासन एवं राष्ट्र सेवा के प्रति समर्पण का संदेश दिया।
उन्होंने कहा, “अनुशासन ही सफलता की कुंजी है। जो युवा स्वयं को अनुशासित कर लेते हैं, वे समाज और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।” विशिष्ट अतिथि सार्वजनिक इण्टर कालेज, चौरंगाहार, बाह के सेवानिवृत्त प्रमोद तिवारी ने पोषण जागरूकता पर व्याख्यान देते हुए संतुलित आहार के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि “शरीर को सशक्त और निरोग बनाए रखने के लिए आहार में प्रोटीन, विटामिन, खनिज लवण एवं हरी सब्जियों का समुचित समावेश आवश्यक है। खानपान में विविधता और संतुलन स्वास्थ्य की कुंजी है।”

जंतु विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. ललित गुप्ता ने वैज्ञानिक दृष्टिकोण से पोषण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि दैनिक आहार में दालें, दूध, फल, हरी सब्जियाँ एवं अनाज का संतुलित अनुपात होना चाहिए। उन्होंने स्वयंसेवकों को ‘संतुलित थाली’ की अवधारणा समझाते हुए कुपोषण से बचाव के व्यावहारिक उपाय बताए। कार्यक्रम के संरक्षक डॉ. एम.पी. यादव ने स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि “अनुशासन, स्वास्थ्य एवं सुरक्षा, ये तीनों तत्व एक सशक्त व्यक्तित्व की पहचान हैं। एनएसएस का उद्देश्य केवल सेवा कार्य करना नहीं, बल्कि स्वयं को भी शारीरिक और मानसिक रूप से सुदृढ़ बनाना है।”
कार्यक्रम का संचालन कर रहे कार्यक्रम अधिकारी डॉ. मनोज कुमार यादव ने पोषण जागरूकता अभियान के उद्देश्यों को स्पष्ट करते हुए कहा कि इस अभियान का लक्ष्य जन-जन तक संतुलित आहार और स्वस्थ जीवनशैली का संदेश पहुंचाना है, ताकि समाज में स्वास्थ्य के प्रति सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सके। इस अवसर पर मंदिर परिसर के प्रबंधक अरविंद यादव ने शिविर के सफल संचालन में अपना विशेष सहयोग प्रदान किया। कार्यक्रम में कालेज के कर्मचारी शैलेन्द्र कुमार, राजकुमार वर्मा सहित लगभग 50 स्वयंसेवक उपस्थित रहे। चतुर्थ दिवस का यह आयोजन योग, अनुशासन और पोषण जागरूकता के संदेश के साथ अत्यंत प्रेरणादायक एवं ज्ञानवर्धक रहा। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ समाप्त किया गया।
