इटावा। घने कोहरे के चलते हावड़ा-दिल्ली रेलवे ट्रैक पर ट्रेनों का समय पूरी तरह से गड़बड़ हो गया। इस कारण यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा। इटावा जंक्शन पर शनिवार को कई ट्रेनें 12 घंटे तक लेट रही, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कोहरे के कारण ट्रेनों की दृश्यता कम हो गई, जिससे रेल परिचालन प्रभावित हुआ और यात्री परेशान होते रहे।
शुक्रवार रात को आने वाली ऊंचाहार एक्सप्रेस को सबसे ज्यादा देरी हुई। इस ट्रेन का समय रात 9 बजकर 50 मिनट था, लेकिन यह शनिवार सुबह 10 बजकर 51 मिनट पर इटावा जंक्शन पहुंची। इस ट्रेन के आने में हुई देरी ने यात्रियों को काफी तकलीफ दी। ठंड की वजह से यात्रियों ने इटावा जंक्शन के प्रतीक्षालय में समय बिताया, जबकि कुछ यात्री अलाव के पास बैठकर सर्दी से बचने की कोशिश करते रहे।

शनिवार को घने कोहरे के कारण 29 ट्रेनें इटावा जंक्शन पर विलंब से पहुंचीं। इनमें से ट्रेन संख्या 08314 टिलियागढ़ एक्सप्रेस 12 घंटे 10 मिनट, ट्रेन संख्या 12225 कैफियत एक्सप्रेस 12 घंटे 30 मिनट, ट्रेन संख्या 02417 सूबेदारगंज दिल्ली एक्सप्रेस 4 घंटे 10 मिनट, और ट्रेन संख्या 20403 प्रयागराज लालगढ़ एक्सप्रेस 5 घंटे देरी से पहुंचीं। इन ट्रेनों के यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचने में परेशानी का सामना करना पड़ा।
इसी तरह, ट्रेन संख्या 19038 अवध एक्सप्रेस 5 घंटे 26 मिनट, ट्रेन संख्या 14865 मरुधर एक्सप्रेस 3 घंटे 54 मिनट, ट्रेन संख्या 64627 फफूंद-इटावा पैसेंजर 2 घंटे 15 मिनट और ट्रेन संख्या 20801 मगध एक्सप्रेस 5 घंटे 28 मिनट लेट रही। इसके अलावा, ट्रेन संख्या 64634 इटावा-ग्वालियर पैसेंजर 1 घंटा, ट्रेन संख्या 04189 कानपुर-अलीगढ़ एक्सप्रेस 2 घंटे 16 मिनट और ट्रेन संख्या 51887 ग्वालियर-इटावा पैसेंजर 1 घंटा 24 मिनट लेट रही।
इन देरी से प्रभावित ट्रेनें हावड़ा-दिल्ली रेलवे ट्रैक पर चलने वाली प्रमुख ट्रेनें थीं। इससे यह साबित होता है कि घने कोहरे के कारण रेलवे संचालन में भारी व्यवधान आया, जो यात्रियों के लिए एक गंभीर समस्या बन गई। कोहरे के कारण ट्रेनों की गति धीमी कर दी जाती है, जिससे ट्रेन के समय पर पहुंचने की संभावना कम हो जाती है।

रेलवे प्रशासन की ओर से यात्रियों को सलाह दी गई कि वे अपनी यात्रा से पहले ट्रेनों की स्थिति की जांच कर लें। इस तरह की समस्याओं से निपटने के लिए रेलवे को और अधिक प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता है ताकि भविष्य में यात्रियों को कम से कम परेशानी हो।
