इटावा/सैफई। स्तन कैंसर के प्रति लोगों को जागरूक करने, बीमारी की समय पर पहचान और शीघ्र निदान के महत्व को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय (यूपीयूएमएस), सैफई के रेडिएशन ऑन्कोलॉजी विभाग की ओर से स्तन कैंसर जागरूकता माह 2026 के अंतर्गत जागरूकता वॉकाथॉन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का फ्लैग-ऑफ विश्वविद्यालय के माननीय प्रो-वाइस चांसलर प्रो. (डॉ.) आदेश कुमार ने किया। इस पहल के माध्यम से लोगों को स्तन कैंसर के प्रति सजग रहने, नियमित स्वास्थ्य जांच के महत्व को समझने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया गया।

स्तन कैंसर महिलाओं में होने वाले प्रमुख कैंसरों में शामिल है। बीमारी के प्रति जागरूकता की कमी, लक्षणों को नजरअंदाज करना और समय पर चिकित्सकीय परामर्श नहीं लेना कई बार निदान में देरी का कारण बन सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय के रेडिएशन ऑन्कोलॉजी विभाग ने जागरूकता वॉकाथॉन के माध्यम से लोगों को इस बीमारी से संबंधित जरूरी जानकारी देने और समय रहते जांच कराने के लिए प्रेरित करने का प्रयास किया। कार्यक्रम का उद्देश्य स्तन कैंसर को लेकर समाज में जागरूकता बढ़ाना और स्वास्थ्य संबंधी विषयों पर खुलकर चर्चा करने के लिए लोगों को प्रोत्साहित करना रहा।
वॉकाथॉन का शुभारंभ प्रो-वाइस चांसलर प्रो. (डॉ.) आदेश कुमार द्वारा हरी झंडी दिखाकर किया गया। इस आयोजन के जरिए यह संदेश दिया गया कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से मुकाबले में जागरूकता, समय पर जांच और उचित उपचार की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। स्तन कैंसर के शुरुआती लक्षणों की जानकारी होने से व्यक्ति समय रहते चिकित्सकीय सलाह ले सकता है। इसलिए महिलाओं को अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने और किसी भी असामान्य बदलाव को नजरअंदाज नहीं करने के लिए प्रोत्साहित करना जरूरी है।
कार्यक्रम के दौरान स्तन कैंसर की शीघ्र पहचान के महत्व पर विशेष जोर दिया गया। स्तन में गांठ महसूस होना, आकार या बनावट में बदलाव, त्वचा में असामान्य परिवर्तन, निप्पल में बदलाव अथवा असामान्य स्राव जैसे लक्षण दिखाई देने पर चिकित्सकीय जांच कराना आवश्यक है। हालांकि, हर गांठ कैंसर नहीं होती, लेकिन किसी भी नए या असामान्य बदलाव की जांच स्वास्थ्य विशेषज्ञ से कराना चाहिए। शुरुआती चरण में बीमारी की पहचान होने पर उपचार के बेहतर विकल्प उपलब्ध हो सकते हैं। इसी कारण जागरूकता और समय पर चिकित्सकीय परामर्श को स्तन कैंसर नियंत्रण के महत्वपूर्ण पहलुओं के रूप में देखा जाता है।
वॉकाथॉन के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की आवश्यकता को भी रेखांकित किया गया। संतुलित आहार, नियमित शारीरिक गतिविधि, स्वस्थ वजन बनाए रखना और तंबाकू से दूरी जैसी आदतें समग्र स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण हैं। साथ ही, स्तन कैंसर की जांच और स्क्रीनिंग के संबंध में महिलाओं को अपनी आयु, व्यक्तिगत जोखिम और चिकित्सकीय सलाह के अनुसार उचित कदम उठाने चाहिए। जागरूकता का उद्देश्य केवल बीमारी की जानकारी देना ही नहीं, बल्कि लोगों को अपने स्वास्थ्य के प्रति जिम्मेदार बनाना भी है।
यूपीयूएमएस सैफई का रेडिएशन ऑन्कोलॉजी विभाग कैंसर के प्रति जागरूकता बढ़ाने और लोगों तक स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण संदेश पहुंचाने के उद्देश्य से इस पहल में शामिल हुआ। स्तन कैंसर जागरूकता माह के अंतर्गत आयोजित वॉकाथॉन ने इस बात पर जोर दिया कि कैंसर के बारे में सही जानकारी लोगों में व्याप्त भ्रम और झिझक को दूर करने में मदद कर सकती है। महिलाओं को स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं पर खुलकर चर्चा करने, समय पर जांच कराने और जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञों से परामर्श लेने के लिए प्रेरित करना ऐसे कार्यक्रमों का प्रमुख उद्देश्य है।
विश्वविद्यालय की इस पहल का व्यापक संदेश रहा कि स्तन कैंसर के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने के लिए समाज के सभी वर्गों की भागीदारी आवश्यक है। परिवार के सदस्यों को भी महिलाओं के स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशील रहना चाहिए और उन्हें समय पर जांच एवं उपचार के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए। बीमारी के लक्षणों को छिपाने या लंबे समय तक नजरअंदाज करने के बजाय सही समय पर चिकित्सा सहायता लेना अधिक महत्वपूर्ण है।
स्तन कैंसर जागरूकता माह 2026 के अंतर्गत आयोजित इस वॉकाथॉन ने जागरूकता और स्वस्थ भविष्य की दिशा में कदम बढ़ाने का संदेश दिया। प्रो-वाइस चांसलर प्रो. (डॉ.) आदेश कुमार द्वारा वॉकाथॉन का शुभारंभ किया जाना इस आयोजन का प्रमुख हिस्सा रहा। कार्यक्रम के माध्यम से यूपीयूएमएस सैफई ने स्तन कैंसर के प्रति जागरूकता बढ़ाने, शीघ्र निदान के महत्व को समझाने और स्वस्थ जीवनशैली को प्रोत्साहित करने का संदेश दिया। आयोजन की मूल भावना रही—एक कदम जागरूकता की ओर, एक कदम स्वस्थ भविष्य की ओर।
