सैफई। उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय (UPUMS) सैफई के इंटीग्रेटेड काउंसलिंग एंड टेस्टिंग सेंटर (ICTC) द्वारा HIV संक्रमण एवं एड्स के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य HIV संक्रमण की रोकथाम, समय पर जांच की आवश्यकता तथा लोगों में इस बीमारी के प्रति सही जानकारी पहुंचाना रहा।

विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) अजय सिंह के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में प्रतिभागियों को HIV संक्रमण के संभावित कारणों, इसके फैलने के प्रमुख माध्यमों, बचाव के उपायों तथा शुरुआती लक्षणों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि समय रहते जांच और चिकित्सकीय परामर्श प्राप्त कर HIV संक्रमण को प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया जा सकता है तथा संक्रमित व्यक्ति भी बेहतर और स्वस्थ जीवन व्यतीत कर सकता है।
कार्यक्रम के दौरान गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष जागरूकता सत्र भी आयोजित किया गया। इसमें Mother-to-Child Transmission अर्थात मां से शिशु में संक्रमण के जोखिमों की जानकारी देते हुए गर्भावस्था के दौरान समय पर HIV जांच कराने के महत्व पर प्रकाश डाला गया। विशेषज्ञों ने बताया कि समय पर जांच और उचित चिकित्सा से नवजात शिशु को संक्रमण से बचाने की संभावना काफी बढ़ जाती है।
जागरूकता कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि UPUMS सैफई के ICTC केंद्र पर HIV जांच की सुविधा पूर्णतः निःशुल्क उपलब्ध है। साथ ही जांच कराने वाले व्यक्तियों की पहचान, रिपोर्ट और अन्य जानकारियों को पूरी तरह गोपनीय रखा जाता है। चिकित्सकों ने लोगों से किसी भी प्रकार की झिझक या भ्रम से दूर रहकर आवश्यकता पड़ने पर जांच कराने की अपील की।
ICTC के नोडल अधिकारी एवं माइक्रोबायोलॉजी विभाग के प्रोफेसर डॉ. अमित सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में काउंसलर उमाकांत वर्मा, ऊषा यादव तथा लैब टेक्नीशियन देवेंद्र कुमार ने सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने उपस्थित लोगों के प्रश्नों का उत्तर देते हुए HIV से जुड़े मिथकों और भ्रांतियों को दूर करने का प्रयास किया तथा संक्रमण से बचाव के वैज्ञानिक तरीकों की जानकारी दी।
कार्यक्रम के अंत में विशेषज्ञों ने कहा कि HIV एवं एड्स के प्रति जागरूकता ही इस संक्रमण की रोकथाम का सबसे प्रभावी माध्यम है। समाज में सही जानकारी का प्रसार, समय पर जांच, सुरक्षित व्यवहार और नियमित चिकित्सकीय परामर्श के जरिए संक्रमण के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। UPUMS सैफई द्वारा समय-समय पर ऐसे जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जिससे लोगों को स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां उपलब्ध हो सकें और स्वस्थ समाज के निर्माण में योगदान मिल सके।
