नई दिल्ली/गुना। ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल कनेक्टिविटी को नागरिक सेवाओं से जोड़ने के उद्देश्य से ‘समृद्ध ग्राम’ पहल की शुरुआत की गई है। यह पहल भारतनेट के तहत तैयार किए गए हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड इंफ्रास्ट्रक्चर का उपयोग करते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में नागरिक-केंद्रित सेवाओं की समग्र व्यवस्था उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

इस योजना के अंतर्गत स्थापित समृद्धि केंद्र को एक सिंगल-विंडो ग्रामीण सेवा हब के रूप में विकसित किया गया है, जहां स्वास्थ्य, शिक्षा, कौशल विकास, कृषि, वित्तीय सेवाएं, ई-गवर्नेंस सहायता, उद्यमिता प्रोत्साहन और डिजिटल कनेक्टिविटी जैसी कई सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जाएंगी।

इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि उमरी में ‘समृद्ध ग्राम’ पहल की शुरुआत के साथ ही आधुनिक तकनीक और सेवाओं को सीधे गांव तक पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा, “समृद्ध ग्राम पहल के माध्यम से हम दुनिया को उमरी तक ला रहे हैं। शिक्षा, कृषि, स्वास्थ्य और सरकारी सेवाओं से लेकर अनेक अवसर अब तकनीक के माध्यम से सीधे लोगों के हाथों में पहुंच रहे हैं।”

मंत्री ने इस पहल के लाभों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि किसान डिजिटल उपकरणों के जरिए मिट्टी की नमी, पोषक तत्वों और फसल की स्थिति से संबंधित रियल-टाइम जानकारी प्राप्त कर सकेंगे, जिससे खेती अधिक स्मार्ट और उत्पादक बनेगी। छात्रों को आधुनिक शिक्षा संसाधनों तक पहुंच मिलेगी, जबकि गांव के लोगों को ऑन-साइट डायग्नोस्टिक्स और टेली-कंसल्टेशन के माध्यम से दिल्ली और अन्य राज्यों के डॉक्टरों से तेजी से स्वास्थ्य परामर्श मिल सकेगा।

उन्होंने बताया कि रक्त जांच की रिपोर्ट 30 मिनट से भी कम समय में उपलब्ध हो सकेगी। इसके अलावा प्रमाणपत्र, ई-बैंकिंग और अन्य आवश्यक सरकारी सेवाएं भी अब समृद्ध ग्राम केंद्र के माध्यम से गांव में ही प्राप्त की जा सकेंगी।
