भरथना (रिपोर्ट- तनुज श्रीवास्तव, 9720063658)- सच्चे मन से किया गया भजन ईश्वर की प्राप्ति कराता है। ईश्वर की प्राप्ति या भजन करने के लिए ज्यादा आयु की आवश्यकता नहीं है। प्रभु का स्वभाव तो इतना सरल है, कि वह अपने भक्त के भाव समझकर ही उसके हो जाते हैं।
उक्त बात बुढवा मंगल के उपलक्ष्य में क्षेत्र के विधूना रोड स्थित शक्तिपीठ श्री बालरूप हनुमान जी महाराज हनुमान गढी (छोला मन्दिर) पर आयोजित 44वें मंगल महोत्सव के दौरान कथावाचक अशोक महाराज (श्रीराम धाम आश्रम बिठूर कानपुर) ने कही। उपस्थित महिला-पुरूष श्रद्धालुओं को श्रीमद् भागवत कथा का प्रसंग सुनाते हुए श्री महाराज ने कहा कि धु्रव ने मात्र पाँच वर्ष की अल्पायु में ही भगवान को प्राप्त कर लिया था। इसलिए भजन करने के लिए ज्यादा आयु की आवश्यकता नहीं है। मनुष्य को अपने दैनिक कार्यों के साथ-साथ ईश्वरीय भक्ति भी करनी चाहिये। क्योंकि ईश्वरीय भक्ति मनुष्य को सदैव संकट से मुक्ति प्रदान करती है। इसके अलावा उन्होंने अन्य प्रसंगों पर आधारित कथा का श्रवण कराया। इस मौके पर मन्दिर प्रबन्धक राजू चौहान, राजेश चौहान, अध्यक्ष रूपकिशोर गुप्ता रूपे, संजीव श्रीवास्तव, दीपू दीक्षित, रिंकू चौहान, गजेन्द्र राजावत, रामजी श्रीवास्तव, पंकज चौहान आदि का विशेष सहयोग रहा।