नगर पालिका बोर्ड की बजट बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए लगभग 79 लाख रुपए के घाटे का बजट पारित किया गया। बैठक के दौरान सभासदों ने नगर पालिकाध्यक्ष पर निशाना साधते हुए उनकी कार्यशैली पर सवाल उठाए और कई गंभीर शिकायतें दर्ज कराईं।
इस महत्वपूर्ण बैठक में क्षेत्रीय विधायक एवं समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव भी उपस्थित रहे। बैठक में प्रस्तुत रिपोर्ट के अनुसार, चालू वित्तीय वर्ष 2024-25 में 1 अप्रैल 2024 से 31 जनवरी 2025 तक नगर पालिका की वास्तविक आय 8 करोड़ 89 लाख 56 हजार 807 रुपए रही, जबकि पूर्व वित्तीय वर्ष 2023-24 की बची हुई राशि 5 करोड़ 86 लाख 76 हजार 954 रुपए थी। इस प्रकार कुल आय 14 करोड़ 76 लाख 33 हजार 761 रुपए हुई।
1 अप्रैल 2024 से 31 जनवरी 2025 तक कुल व्यय 11 करोड़ 38 लाख 44 हजार 442 रुपये रहा, जिससे 1 फरवरी 2025 को अंतिम अवशेष 3 करोड़ 37 लाख 89 हजार 319 रुपये रह गया। आगामी वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए अनुमानित आय 14 करोड़ 11 लाख 46 हजार 800 रुपये रखी गई है, जबकि इसी अवधि में 14 करोड़ 90 लाख 30 हजार रुपये के व्यय का अनुमान लगाया गया है। इस प्रकार आगामी वर्ष में 78 लाख 83 हजार 200 रुपये का घाटा संभावित है।
बैठक के दौरान कई सभासदों ने नगर पालिका परिषद की कार्यशैली पर नाराजगी जताई। सभासद राजीव यादव ने नगर पालिकाध्यक्ष पर भाई-भतीजावाद, पक्षपात और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। इस दौरान कई अन्य सभासदों ने भी नगर पालिका प्रशासन पर अनियमितताओं और जनता की उपेक्षा के आरोप लगाते हुए जवाबदेही तय करने की मांग की।
नगर पालिका की वित्तीय स्थिति और पारदर्शिता को लेकर इस बैठक में तीखी बहस देखने को मिली। हालांकि, नगर पालिका प्रशासन ने सभी आरोपों को नकारते हुए आगामी योजनाओं के सुचारू क्रियान्वयन का आश्वासन दिया।