बाल श्रम के खिलाफ सख्ती बरतते हुए चकरनगर कस्बे में विशेष अभियान चलाया गया। एएचटीयू प्रभारी दिवाकर सरोज के नेतृत्व में गठित टीम ने कस्बे के विभिन्न स्थानों पर छानबीन की, जहां एक बाल श्रमिक कार्य करता हुआ मिला।
इस अभियान में बाल संरक्षण अधिकारी सोहन गुप्ता, थाना प्रभारी राजेंद्र विक्रम सिंह, बाल संरक्षण विशेषज्ञ प्रेम कुमार शाक्य, एएचटीयू टीम और चकरनगर थाने के पुलिसकर्मी शामिल रहे। टीम ने कस्बे के मुख्य मार्गों पर स्थित स्पेयर पार्ट्स, परचून और मिठाई की दुकानों की जांच की। इस दौरान दुकानदारों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि किसी भी नाबालिग बच्चे से मजदूरी कराना कानूनी अपराध है और अगर कोई ऐसा करता पाया गया तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इसके अलावा, टीम ने मेडिकल स्टोर्स पर भी जांच अभियान चलाया। उन्होंने बच्चों से संबंधित प्रतिबंधित दवाओं की उपलब्धता की जानकारी ली और मेडिकल स्टोर संचालकों को अपने प्रतिष्ठानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश दिए ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखी जा सके।
प्रशासन ने दुकानदारों और स्थानीय लोगों से अपील की कि वे बाल श्रम के खिलाफ जागरूक रहें और कहीं भी ऐसा मामला दिखने पर तुरंत सूचना दें। इस अभियान का उद्देश्य बच्चों को शिक्षा और सुरक्षित भविष्य की ओर प्रेरित करना है, जिससे वे बाल मजदूरी से मुक्त होकर अपने अधिकारों का लाभ उठा सकें।