स्नान, ध्यान एवं पुण्य पर्व मकर संक्रांति के पावन अवसर पर कांशीराम कॉलोनी में श्री सत्यनारायण समाज सेवा संस्थान के बैनर तले सेवा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर प्रधानाध्यापिका शिखा पाल एवं संस्था की सचिव डॉ. ज्योति वर्मा द्वारा बालिकाओं को गर्म वस्त्र एवं तिलकुटिया वितरित की गई।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संस्था की सचिव डॉ. ज्योति वर्मा ने मकर संक्रांति के धार्मिक एवं वैज्ञानिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि सूर्य के एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश को संक्रांति कहते हैं। एक संक्रांति से दूसरी संक्रांति के बीच का समय सौर मास कहलाता है। संक्रांति के दौरान सूर्य उत्तरायण होते हैं, अर्थात पृथ्वी का उत्तरी गोलार्द्ध सूर्य की ओर उन्मुख हो जाता है। उत्तरायण को देवताओं का अयन माना गया है, जिसमें शुभ कार्यों का प्रारंभ किया जाता है। शास्त्रों के अनुसार यह अमृत काल होता है तथा मान्यता है कि उत्तरायण में मृत्यु होने से मोक्ष की प्राप्ति होती है। इसी दिन भीष्म पितामह को मोक्ष की प्राप्ति हुई थी तथा आदि गुरु शंकराचार्य को भगवान द्वारा समरसता का ज्ञान प्राप्त हुआ था।
संस्था की सदस्य एवं प्रधानाध्यापिका शिखा पाल ने कहा कि संक्रांति का पर्व बिना किसी भेदभाव के आपसी प्रेम और सौहार्द के साथ मनाना चाहिए। वहीं अध्यापक प्रदीप यादव ने सर्दी से बचाव के साथ-साथ स्वच्छता एवं साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने की अपील की।
कार्यक्रम में राजन, अर्चना, श्री देवी, आसमां बेगम सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। संस्था की ओर से अध्यक्ष मनोरमा वर्मा, सदस्य मुनिराज वर्मा, गुलशन कुमार, अमृषा पटेल आदि ने भी कार्यक्रम में सहभागिता कर सेवा कार्य में सहयोग प्रदान किया।

