Thursday, January 1, 2026

आस्था का केन्द्र है ‘‘प्राचीन शिव मन्दिर रमायन (भरथना)‘‘

Share This
भरथना (रिपोर्ट- तनुज श्रीवास्तव, 9720063658)- इस सृष्टि के आदि देव, देवों के देव महादेव को शिवशंकर, भोलेनाथ और भूतनाथ आदि अनेक नामों से जिन्हें पुकारा जाता है। महाशिवरात्रि के पुनीत पर्व व सावन के महीने में भगवान भोलेनाथ के शिवालायों में भक्तों का जनसैलाब देखने को मिलता है।
महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर ऐसी ही श्रद्धालुओं की भारी भीड भरथना क्षेत्र के ग्राम रमायन स्थित प्राचीन शिव मन्दिर में देखने को मिलती है। उक्त मन्दिर को ‘‘महामंशापूर्ण श्री गंगाधर विश्वनाथ शिव मन्दिर रमायन‘‘ के नाम से भी जाना जाता है। भरथना नगर से करीब तीन किमी0 की दूरी पर पूर्वाेत्तर दिशा में नैसर्गिक सौन्दर्य से भरपूर झील के किनारे बसे गांव में यह प्राचीन शिव मन्दिर स्थित है। यह भव्य और विशाल मन्दिर अपने वास्तुशिल्प की दृष्टि में जनपद में ही नहीं अन्य जिलों में भी अपना विशेष महत्व रखता है। हर सोमवार को भी यहाँ भारी संख्या में भक्तजन पूजन अर्चन करने आते हैं। मान्यता है कि जो भक्त श्रद्धाभाव से भोले से जो कुछ माँगता है, भगवान भोलेनाथ उसके सम्पूर्ण मनोरथ पूर्ण करते हैं। मन्दिर की ओर से महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर भव्य मेला का आयोजन किया जाता है। श्रीमद् भागवत कथा, भजन कीर्तन, विशाल भण्डारा आदि अन्य धार्मिक अनुष्ठानों का क्रम चलता रहता है। मन्दिर के निर्माण के सम्बन्ध में गांव के बुजुर्गांे ने बताया कि इस भव्य मन्दिर का निर्माण यहाँ के पूर्व जमींदार रमेश चन्द्र पाठक के पूर्वजों ने लगभग 400 वर्ष से भी अधिक पहले कराया था। ब्रिटिश काल में इस मन्दिर का वैभव पूर्ण यौवन पर था। मन्दिर चारों ओर सुव्यवस्थित लगभग 100 बीघा में स्थित था। ब्रिटिश काल के बाद शनै-शनै इस मन्दिर का वैभव उजडता चला गया। यह शिव मन्दिर कई वास्तुशिल्प शैलियों का संगम है। इसके महराबदार दरवाजे, कलात्मक खम्भे, बरामदे को अद्भुत सौन्दर्य प्रदान करते हैं।
मन्दिर के सामने पूर्व दिशा की ओर एक विशाल तालाब भी है। जो मन्दिर के सौन्दर्य को दोगुना कर देता है। दक्षिण भारतीय शैली में इसका मुख्य केन्द्रीय बुर्ज विशाल शंकु के आकार का है। जिसके शिखर पर स्वर्ण पत्र जडित कई कलश लगे हैं। जिसके ऊपर त्रिशूल लगा है। इन कलशों की ऊँचाई लगभग 80 फीट है। अपने निर्माणकाल से अब तक इसकी चमक फीकी नहीं पडी है।
इस गांव ने आज भी प्राचीन शिव मन्दिर और विशाल झील के कारण अपना आध्यात्मिक और नैसर्गिक महत्व नहीं खोया है। मन्दिर के समीप दक्षिण दिशा में एक छोटा शिव मन्दिर है, जो करीब 500 वर्ष पुराना मुस्लिम काल का निर्मित है। यहाँ भी भक्तों का आवागमन रहता है। आज से करीब 25 वर्ष पूर्व तत्कालीन ग्राम प्रधान ने इस जीर्ण शीर्ण मन्दिर का जीर्णोद्धार करना शुरू किया था और धीरे-धीरे लोगों की आस्था का केन्द्र बने इस मन्दिर के जीर्णोद्धार के लिए अन्य समाजसेवी भक्तगणों ने भी अपना सहयोग प्रदान करना शुरू किया। मन्दिर की जो बुर्जें गिराऊ थीं, उनकी मरम्मत करायी, खम्भों, दरवाजों का जीर्णोद्धार कराया और मन्दिर के सामने तालाब का पुनर्निर्माण कर सौन्दर्यीकरण किया। इसके पश्चात मध्य में कई प्रधान चुने गये। जिन्होंने अपने-अपने स्तर से मन्दिर को भव्यता प्रदान करने के लिए सहयोग किया। लेकिन पिछले करीब 5 सालों से मन्दिर का पुनरूद्धार और सौन्दर्यीकरण का कार्य नगर के कुछ धर्मशील सहयोगियों ने मन्दिर का पुनर्निर्माण करवाना शुरू कर दिया। इसमें गांव वालों का भी पूरा सहयोग रहा।
Share This
spot_img
अपनी खबर या कोई समस्या इटावा लाइव पर निशुल्क प्रकाशित करने हेतु हमें Whatsapp - 7017070200, Email – etawah.news@gmail.com पर जरुर भेंजें।

Read more

वोट करें

हमारा इटावा

जौनपुर राज्य के अधीन रहा इटावा

इस अवसर पर इटावा  के राजपूतों को वश में करने के लि‍ये आक्रमण कि‍या गया। आगे चलकर दि‍ल्‍ली के सुल्‍तानों  की शक्‍ि‍त लगातार क्षीण...

शिक्षाविद

नमिता तिवारी: एक महिला सशक्तिकरण के चमकते सितारे का अद्भुत सफ़र

नमिता तिवारी का जन्म 4 जुलाई 1969 को उत्तर प्रदेश के इटावा जिले के मुबारकपुर गांव में हुआ। उनके पिता का नाम श्री अरविन्द...

राजनीतिज्ञ

संघ के संस्कारों के साथ 55 वर्षों से राष्ट्रभक्ति की अखंड ज्योति थामें डॉ० रमाकान्त शर्मा

डॉ० रमाकान्त शर्मा का जन्म 17 नवम्बर 1957 को में हुआ। उनका बचपन ग्रामीण परिवेश में बीता, जहाँ सादगी, संस्कार और परिश्रम का संगम...

प्रशासनिक अधिकारी

कुलपति प्रो. (डॉ.) अजय सिंह के नेतृत्व में नई ऊँचाइयों की ओर बढ़ता सैफई विश्वविद्यालय

प्रोफेसर (डॉ.) अजय सिंह चिकित्सा शिक्षा और प्रशासनिक नेतृत्व की दुनिया में एक जाना-माना नाम हैं, जिन्होंने चार दशकों से अधिक का अनुभव अर्जित...

प्रमुख संस्थान

मयूर प्रेस इटावा, प्रिंटिंग सम्बन्धी कार्यों के लिए सबसे भरोसेमंद स्थान

मयूर प्रेस इटावा, प्रिंटिंग उद्योग में 35 वर्षों के अनुभव और उत्कृष्टता के साथ, इटावा के निवासियों के लिए उच्चतम गुणवत्ता की प्रिंटिंग सेवाएँ...

चिकित्सक

डॉ. आशीष दीक्षित: इटावा के प्रसिद्ध होम्योपैथिक चिकित्सक और सामाजिक कार्यकर्त्ता

इटावा के प्रसिद्ध होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. अशोक दीक्षित के पुत्र डॉ. आशीष दीक्षित भी एक प्रसिद्ध होम्योपैथिक चिकित्सक हैं, उनकी प्राथमिक शिक्षा कानपुर से...

चर्चित व्यक्तिव

राजनीति, कर्मचारी आंदोलन और शिक्षा, हरि किशोर तिवारी की बहुआयामी पहचान

इंजीनियर हरि किशोर तिवारी का नाम उत्तर प्रदेश के कर्मचारी आंदोलन, राजनीति और शिक्षा जगत में एक जाना-पहचाना नाम है। उन्होंने साधारण पृष्ठभूमि से...

पत्रकार

वेदव्रत गुप्ता: वरिष्ठ पत्रकार, साहित्यकार और सामाजिक कार्यकर्ता का अद्वितीय संगम

यहाँ कहीं न कहीं जीवन के हर क्षेत्र में सफल होने का रहस्य यही है कि हम कठिनाइयों के मुकाबले संघर्ष करते हैं और...

टॉप आर्टिकल्स

शरद तिवारी की अनमोल सेवा, लावारिस शवों को दिलाई गरिमामयी विदाई

शरद तिवारी: एक समर्पित समाजसेवी इटावा में शरद तिवारी का नाम समाज सेवा और मानवता के प्रति उनके अभूतपूर्व योगदान के लिए जाना जाता है।...

व्यवसायी

सर्वेश यादव : एक समर्पित समाजसेवी और सुरक्षा एजेंसी के प्रबंधक

सर्वेश यादव, जनपद इटावा ही नहीं पूरे प्रदेश की सबसे भरोसेमंद सिक्योरिटी एजेंसी "एस.के. ग्रुप ऑफ सिक्योरिटी सर्विस" के प्रबंधक हैं। वे एक व्यवहार...

समाजसेवी

गौरैया की चहचहाहट में जीवन खोजती एक शिक्षिका : डॉ. सुनीता यादव

डॉ॰ सुनीता यादव का जन्म 21 जून 1976 को मैनपुरी जनपद के ग्राम अण्डनी, करहल में हुआ। पिता स्वर्गीय रामनारायण यादव, जो करहल के...

पूर्व अधिकारी