बकेवर:- फलों का राजा आम इस बार आम आदमी तक पहुंच सकेगा। आम के पेड़ों में अभी तक की बौर देखकर तो यही लगता है कि इस बार रिकार्ड तोड़ आम की पैदावार होगी। आम के पेड़ों में अच्छी बौर लदी देखकर आम किसान खासे गदगद हैं। वहीं आम के पेडों पर आये बौर को देखकर किसानों का कहना है कि यदि सब कुछ ठीक ठाक रहा तो आम समाएगा नहीं और गरीब वर्ग के लोग भी इस दफा आम का स्वाद ले सकेंगे।
पिछली दफा आम की कम पैदावार होने के कारण सिर्फ खास लोगों तक आम नहीं पहुंच सका था। इस बार आम की अच्छी पैदावार को देखते हुए आम भी सस्ते दामों पर विकेंगे। देशी व अन्य बैरायटियों के बाग लगाये का कहना है कि इतना बौर काफी दिन बाद आया हुआ है। आम किसानों का मानना है कि अगर फसल को नुकसान न पहुंचे और आंधी कम आये तो आम बाजार में चारों तरफ नजर आएगा। जिस कदर आम के पेड़ों पर बौर (अमराई)आई है, उससे रिकार्ड तोड़ फसल कर अंदाजा लगाया जा रहा है। अब हालत यह है कि पेड़ बौर का बोझ नहीं उठा पा रहे हैं।
बकेवर-लखना व आसपास ग्रामीण क्षेत्र के बुर्जुग बताते है कि इतनी ज्यादा अमराई 90 के दशक की माद ताजा कर रही दया दृष्टि है। इस साल मौसम भी दया बनाए है। आम पर किसी भी तरह की बीमारी भी नजर नहीं आ रही है। जनता कालेज बकेवर के कृषि वैज्ञानिक डा ए के पांडेय का मानना है कि यदि आम की बौर के लिहाज से 60 फीसदी भी आम की फसल बच जाती है तो इतना आम खपना मुश्किल हो जाएगा। आम की पैदावार अच्छी होगी।