आज आशा कर्मचारी यूनियन उत्तर प्रदेश, इटावा ने कचहरी में मुख्य चिकित्सा अधिकारी के नाम एक ज्ञापन सौंपा। यूनियन ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) सरसई नावर की आशा कार्यकर्ताओं को विभिन्न मदों में मिलने वाले भुगतानों के कई सालों से बकाया होने की शिकायत की। इससे आशा कार्यकर्ताओं में भारी परेशानी और असंतोष व्याप्त है।
ज्ञापन में कहा गया कि मजबूरी में आशा कार्यकर्ताओं को अपनी प्रमुख समस्याओं को सामने लाना पड़ रहा है। इन समस्याओं में शामिल हैं:
- एच.डब्ल्यू. यूसी केंद्रों पर तैनात आशाओं को पिछले 3 वर्षों से धनराशि नहीं दी गई है।
- एच.बी.एन.सी. और एस.बी.आई.सी. की धनराशि अप्रैल 2024 से बकाया है।
- आशा ड्रेस और मोबाइल रिचार्ज का भुगतान पिछले 2 वर्षों से नहीं किया गया है।
- कुष्ठ रोग और फाइलेरिया से संबंधित एनजीओ का भुगतान भी लंबित है।
- पोलियो और अन्य मदों का भुगतान भी नहीं किया जा रहा है।
आशा कर्मचारी यूनियन ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी से तत्काल प्रभावी हस्तक्षेप कर इन मांगों का समाधान करने की मांग की है। ज्ञापन में चेतावनी दी गई कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं, तो सभी आशा कार्यकर्ता आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगी।
इस अवसर पर महेंद्री देवी, सीता देवी, मंजू देवी, रजनी देवी, राममूर्ति, कुसुमलता, कुंती देवी, ममता देवी, सुनीता देवी, उषा कुमारी, मनोरमा, सरोजनी, सुमन देवी, गीता देवी, नीरज कुमारी, किरण, सरला देवी, किताबश्री, अनीता देवी, स्नेहलता सहित कई अन्य आशा कार्यकर्ता मौजूद रहीं।
आशा कार्यकर्ताओं का कहना है कि वे अपनी जिम्मेदारियों को पूरी निष्ठा से निभा रही हैं, लेकिन बकाया भुगतान न मिलने से उनके सामने आर्थिक संकट पैदा हो गया है। अब मुख्य चिकित्सा अधिकारी के जवाब और कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है।