उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश को जोड़ने वाले नेशनल हाईवे-92 पर एक नया सिग्नेचर ब्रिज बनने जा रहा है। पुराने पुल के बगल में बनने वाले इस पुल से दोनों राज्यों के बीच आवागमन सुगम होगा। विशेष रूप से मध्य प्रदेश से आने वाले वाहनों को इससे बड़ी सुविधा मिलेगी।
296 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह पुल चंबल नदी पर बनाया जाएगा। यह पुल 600 मीटर लंबा होगा और इसमें 6 लेन होंगी। इसके साथ ही 8 किलोमीटर लंबा फोरलेन हाईवे भी बनाया जाएगा। परियोजना के अंतर्गत यमुना पुल से चंबल पुल तक के भाग में चार लेन चौड़ीकरण एवं चंबल सेतु (6 लेन) का निर्माण कराया जाना प्रस्तावित है। इस पुल का निर्माण अत्याधुनिक (Extradose) तकनीक से किया जाएगा। सरकार ने इस परियोजना को जनवरी 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है।
इस महत्वपूर्ण परियोजना को भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा स्वीकृति प्रदान की गई है। मंत्रालय के जी.ओ. संख्या दिनांक 04.01.2022 के तहत इस परियोजना के लिए 296.02 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इस परियोजना को प्रदेश की जनता के लिए एक महत्वपूर्ण उपहार के रूप में मंजूरी दी है।
इस पुल के निर्माण कार्य की आधारशिला रखने के लिए आज भूमि पूजन कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें कई गणमान्य अतिथियों ने भाग लिया। इस अवसर पर भाजपा की इटावा सदर विधायक सरिता भदौरिया और भिंड विधायक नरेंद्र कुशवाह मुख्य रूप से उपस्थित रहे। उनके साथ मुख्य विकास अधिकारी अजय कुमार, अधिशासी अभियंता मुकेश ठाकुर, एसपी सिटी अविनाश त्रिपाठी, एई गौरव जैन, पूर्व जिला अध्यक्ष अजय धाकरे, पूर्व सांसद प्रेमदास कठेरिया, महामंत्री शिवाकांत चौधरी, महामंत्री अन्नू गुप्ता, अजय भदौरिया सहित यूपी-एमपी के कई भाजपा नेता, कार्यकर्ता और विभागीय अधिकारी भी मौजूद रहे।