शासन की मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना एवं स्पॉन्सरशिप योजना के तहत उन बच्चों को आर्थिक सहायता दी जाएगी, जिनके पिता या संरक्षक की 1 मार्च 2020 के बाद मृत्यु हो गई हो, या फिर जो गंभीर बीमारियों जैसे कैंसर, कुष्ठ, एचआईवी से पीड़ित होकर कमाने में असमर्थ हो गए हों। इसके अलावा, अनाथ बच्चों को भी इस योजना का लाभ मिलेगा। ऐसे बच्चों को शीघ्र चिन्हित कर उनका आवेदन ग्राम बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति के माध्यम से पारित कर भेजने के निर्देश दिए गए हैं। इस संबंध में आवश्यक प्रारूप और पत्रक आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों को उपलब्ध कराए गए हैं।
ब्लॉक बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति की बैठक में पहुंचे बाल संरक्षण अधिकारी सोहन गुप्ता ने बताया कि इस योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को नियमित आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। उन्होंने दत्तक ग्रहण, फॉस्टर केयर और कन्या सुमंगला योजना की विस्तृत जानकारी देते हुए आवेदन भरने की प्रक्रिया भी समझाई। उन्होंने बताया कि नि:संतान दंपत्ति “कारा” (CARA) वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन कर दत्तक ग्रहण की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।
बाल संरक्षण विशेषज्ञ प्रेम कुमार शाक्य ने बताया कि मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत ₹2500 प्रतिमाह और स्पॉन्सरशिप योजना के तहत ₹4000 प्रतिमाह पात्र लाभार्थी बच्चों को मिल रहा है। इससे कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित नहीं रहेगा और उसके पालन-पोषण में किसी प्रकार की कठिनाई नहीं आएगी। उन्होंने यह भी बताया कि बच्चों से जुड़े किसी भी मामले में चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 से सहायता प्राप्त की जा सकती है।
इस दौरान बाल विकास परियोजना अधिकारी मनीष चौरसिया ने आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों से कहा कि वे पात्र बच्चों की पहचान को पुण्य कार्य समझकर जल्द से जल्द इस प्रक्रिया को पूरा करें और किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें। बैठक में चकरनगर थाने के उपनिरीक्षक भगवान सिंह, डॉ. महेशपाल सिंह, एडीओ पंचायत प्रतिनिधि, यूनिसेफ के डीएमसी अनिल तोमर समेत बड़ी संख्या में आंगनवाड़ी कार्यकत्रियां मौजूद रहीं।