Friday, January 16, 2026

राजनीति में कैसे पहुंचे मुलायम सिंह यादव,जाने पूरा किस्सा

Share This

नत्थू सिंह चौधरी ने प्रभावित होकर अपनी जसवंतनगर सीट को 1967 में दिया था मुलायम सिंह यादव को विधायक की चुनाव लड़ने के लिए

मुलायम सिंह यादव ने दंगल में कुश्ती खेलने के दौरान अपने से 2 गुना दिखने वाले पहलवान को किया था चित

कुश्ती को देख प्रभावित हो गए थे चौधरी नत्थू सिंह

कमांडर अर्जुन सिंह भदोरिया वह नहीं चाहती थी कि मुलायम सिंह चुनाव लड़े नत्थू सिंह चौधरी को ही लड़वाना चाहते थे चुनाव

1980 में चुनाव हारने के बाद मुलायम सिंह यादव पर हुआ था मैनपुरी के थाना कुर्रा में हमला जिसमें 1 साथी अध्यापक की हुई थी मौत ।

उत्तर प्रदेश के जनपद इटावा के छोटे गांव सैफई जो अब एक तहसील बन चुकी है । समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव का निधन 10 अक्टूबर को 2022 हो गया है  उनसे जुड़ी उनकी कई ऐसी कहानियां अब लोगों के बीच से आ रही है जिन्हें सुनकर लोग मुलायम सिंह की नीति और उनके द्वारा लिए गए निर्णय की तारीफ कर रहे हैं।
मुलायम सिंह यादव राजनीति में कैसे पहुंचे और कैसे वह राजनीति की बुलंदियों को छूते चले गए । इन सारी बातों को उन्हीं के करीबी पूर्व एमएलसी सुभाष यादव करहल जनपद मैनपुरी ने बताते हुए कहा है कि उनके पिता स्वर्गीय नत्थू सिंह चौधरी जो जसवंत नगर से विधायक हुआ करते थे वह कुश्ती दंगल में बहुत ही रुचि रखा करते थे उसी दौरान वह करहल के पास ही एक दंगल के आयोजन में पहुंचे जहां एक नाटे कद के पहलवान ने अपने दो गुने बड़े और विशाल शरीर वाले पहलवान को कुछ ही क्षणों में चित कर दिया। जिसके बाद मेरे पिताजी ने मुलायम सिंह यादव को अपने पास बैठाया और उनसे उनके बारे में पूछा जब मेरे पिताजी ने मुलायम सिंह यादव की पूरी जांच पड़ताल की तो न मालूम पड़ा कि मुलायम सिंह कुश्ती में पहलवानी के साथ-साथ एक कुशल राजनीतिक भी हैं इटावा में छात्र संघ के कई बार अध्यक्ष भी रह चुके जिस पर उन्होंने बिना सोच विचार किए 1967 में जसवंतनगर सीट से राज्यसभा चुनाव मुलायम सिंह यादव को उम्मीदवार बनाने की घोषणा कर दी जिसका विरोध कई लोगों ने किया लेकिन मेरे पिताजी ने उनको समझाया और यह उन्हें विश्वास दिलाया कि यह सीट वह जीतकर निकालेंगे और मेरे पिताजी और क्षेत्र के लोगों ने मिलकर मुलायम सिंह यादव को 1967 में पहली बार विधायक बनाया। जिसके बाद राजनीति में उनका दबदबा बढ़ता ही चला गया।

1967 के चुनाव में मुलायम ने पहली बार चलाई थी मोटरसाइकिल, फिर किया था प्रचार

सुभाष यादव ने बताया कि 1967 के चुनाव में मुलायम सिंह यादव साइकिल से वोट मांगा करते थे उसी दौरान मेरे पास मोटरसाइकिल हुआ करती थी जिस पर मैंने ही मुलायम सिंह यादव जी को मोटरसाइकिल चलाना सिखाया और उनके साथ क्षेत्र में मोटरसाइकिल से हम लोगों ने फिर वोट मांगे एक बार वोट मांगने के लिए हम लोग मोटरसाइकिल से जा रहे थे तभी पगडंडी पर मोटरसाइकिल से चल गई और साले नर्सरी के नीचे मुलायम सिंह यादव का पैर आ गया जिस कारण वह जल गया जब भी मेरी और मुलायम सिंह जी की मुलाकात होती तो वह उस घटना का जिक्र जरूर करते थे।

1980 में चुनाव हारने के बाद मुलायम सिंह यादव पर मैनपुरी के थाना कुर्रा में हमला हुआ था जिसमें 1 साथी अध्यापक की हुई थी मौत

सुभाष यादव ने बताया कि मुलायम सिंह यादव 1980 का एक चुनाव हार गए थे जिसके बाद वह अपने एक अध्यापक साथी के साथ मैनपुरी के थाना कुर्रा क्षेत्र में एक समारोह में गए हुए थे तभी उनके ऊपर हमला हो गया था उस दौरान उनके एक अध्यापक साथी की मौत हो गई थी तो वही मेरे एक रिश्तेदार के पैर में भी गोली लगी थी जिस कारण वह जिंदगी भर लगड़ाते रहे इस घटना के बाद मुलायम सिंह यादव राजनीति और पकड़ बना कर चले गए और देखते ही देखते उनकी सुरक्षा और उनका राजनीति का अखाड़ा और बड़ा हो गया।

 मुलायम सिंह यादव ने अपने कार्यकाल में कई अहम फैसले लिए थे आज भी राजनीतिक दिक्कत उनके द्वारा उन कार्यों को बहुत ही अहम मानते हैं।उनकी बनाई समाजवादी पार्टी उन्ही मुख्य कार्यों को लेकर देश प्रदेश में बढ़ती रही ।इन्ही मुद्दो के दम पर सरकार बनाती रही।

Share This
Ashish Bajpai
Ashish Bajpaihttps://etawahlive.com/
Content Writer, Call-7017070200, 9412182324, Email-cimtindia@gmail.com, बस एक क्लिक में जाने अपने इटावा को।
spot_img
अपनी खबर या कोई समस्या इटावा लाइव पर निशुल्क प्रकाशित करने हेतु हमें Whatsapp - 7017070200, Email – etawah.news@gmail.com पर जरुर भेंजें।

Read more

वोट करें

हमारा इटावा

जयचन्द्र और मुहम्मद गौरी का इकदि‍ल में हुआ था युद्ध

पृथ्‍वीराज चौहान को 1192 ई0 में तराईन के द्वि‍तीय युद्ध में मुहम्‍मद गौरी  ने पराजि‍त  कर 1193ई0 में कन्‍नौज्‍ा पर आक्रमण  कर आसई में...

शिक्षाविद

कैलाश चंद्र यादव: नव युग के शिक्षा क्रांतिकारी का प्रेरणादायक सफ़र

कैलाश चंद्र यादव एक प्रख्यात शिक्षाविद् हैं जो पानकुंवर इंटरनेशनल स्कूल, मानिकपुर मोड, ग्वालियर बाईपास, इटावा और पानकुंवर इंटरनेशनल स्कूल, सराय दयानत के प्रबंधक...

राजनीतिज्ञ

संघ के संस्कारों के साथ 55 वर्षों से राष्ट्रभक्ति की अखंड ज्योति थामें डॉ० रमाकान्त शर्मा

डॉ० रमाकान्त शर्मा का जन्म 17 नवम्बर 1957 को में हुआ। उनका बचपन ग्रामीण परिवेश में बीता, जहाँ सादगी, संस्कार और परिश्रम का संगम...

प्रशासनिक अधिकारी

संकट प्रबंधन में माहिर SSP इटावा ब्रजेश कुमार श्रीवास्तव (IPS)

ब्रजेश कुमार श्रीवास्तव भारतीय पुलिस सेवा के उन अधिकारियों में गिने जाते हैं जिन्होंने अपनी लगन, मेहनत और ईमानदारी से सेवा में विशेष पहचान...

प्रमुख संस्थान

पृथ्वी द्वार: इटावा में प्रीमियम गुणवत्ता के दरवाजे

पृथ्वी द्वार एक ऐसा नाम है जो प्रीमियम गुणवत्ता और विश्वास का पर्याय बन चुका है। अपनी अद्वितीय तकनीक और उत्कृष्ट निर्माण के कारण,...

चिकित्सक

डॉ आनंद सिंह कुशवाहा : बेहतरीन चिकित्सक, पर्यावरण के सरंक्षक और क्रिकेट प्रेमी

डॉ आनंद सिंह कुशवाहा, चिकित्सा अधीक्षक जिला पुलिस चिकित्सालय इटावा, का जन्म 6 जुलाई 1984 को हुआ। उनके पिता का नाम श्री सर्वेश कुशवाहा...

चर्चित व्यक्तिव

K. Asif: भारतीय सिनेमा के अद्वितीय निर्माता और दिग्गज निर्देशक

भारतीय सिनेमा में कई ऐसे दिग्गज निर्देशक हुए हैं, जो उन्हें एक अनुपम पहचान देने में सफल रहे हैं। K. Asif भी उन दिग्गजों...

पत्रकार

अन्नू चौरसिया: एक युवा और कर्मठ पत्रकार

अन्नू चौरसिया का जन्म 4 जुलाई 1990 को इटावा के मशहूर मोहल्ला पुरबिया टोला में हुआ। उनके पिता का नाम स्व. लालचंद्र चौरसिया और...

टॉप आर्टिकल्स

शरद तिवारी की अनमोल सेवा, लावारिस शवों को दिलाई गरिमामयी विदाई

शरद तिवारी: एक समर्पित समाजसेवी इटावा में शरद तिवारी का नाम समाज सेवा और मानवता के प्रति उनके अभूतपूर्व योगदान के लिए जाना जाता है।...

व्यवसायी

सर्वेश यादव : एक समर्पित समाजसेवी और सुरक्षा एजेंसी के प्रबंधक

सर्वेश यादव, जनपद इटावा ही नहीं पूरे प्रदेश की सबसे भरोसेमंद सिक्योरिटी एजेंसी "एस.के. ग्रुप ऑफ सिक्योरिटी सर्विस" के प्रबंधक हैं। वे एक व्यवहार...

समाजसेवी

पूर्व अधिकारी

प्रणता ऐश्वर्या (IAS): एक समर्पित और न्यायप्रिय प्रशासनिक अधिकारी

प्रणता ऐश्वर्या (IAS): एक समर्पित और न्यायप्रिय प्रशासनिक अधिकारी प्रणता ऐश्वर्या 2019 बैच की आईएएस अधिकारी हैं, और इटावा में मुख्य विकास अधिकारी के पद...