इटावा : मुस्लिम समुदाय के पवित्र महीने रमज़ान के दौरान एक हृदयस्पर्शी नेक मामला सामने आया है, जहाँ मात्र 7 साल की उम्र में दो भाई-बहनों ने पहली बार रोज़ा रखकर सबको प्रेरित किया। हसन अहमद और उनकी बहन आयत फातिमा ने अपने घर के माहौल से प्रभावित होकर पूरे दिन का उपवास किया। उनकी माँ सुल्ताना बेगम ने बताया कि रमज़ान के दौरान घर में सभी सदस्य रोज़े रखते हैं, और यह देखकर दोनों बच्चों ने भी ऐसा करने की इच्छा जताई।
हसन और आयत की इस पहल पर परिवार और रिश्तेदारों ने उन्हें खूब सराहा। सुल्ताना बेगम ने बताया कि बच्चों ने बिना किसी दबाव के खुद ही रोज़ा रखने का निर्णय लिया। उन्होंने सुबह की सेहरी भी पूरे उत्साह के साथ की और शाम को इफ्तार का इंतज़ार करते हुए धैर्य दिखाया। परिवार ने इस अवसर पर बच्चों को उपहार और दुआओं से नवाज़ कई लोगों ने इसे रमज़ान की सच्ची भावना और बच्चों में धार्मिक शिक्षा के प्रभाव का उदाहरण बताया।
कुछ ने यह भी कहा कि ऐसे उदाहरण बच्चों में संस्कार और अनुशासन की अहमियत सिखाते हैं। हसन और आयत की यह पहल न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे समुदाय के लिए गर्व की बात है, जो दर्शाती है कि छोटी उम्र में भी बच्चे बड़े संकल्प ले सकते हैं।