जनपद के विकासखंड बसरेहर के ग्राम नगला हरी पारोली रमाइन स्थित वृहद गौ आश्रय स्थल (गौशाला) का हाल ही में अधिकारियों द्वारा औचक निरीक्षण किया गया। इस दौरान गायों की दैनिक स्थिति और गौशाला की व्यवस्था का जायजा लिया गया। निरीक्षण के दौरान गायों की देखभाल और उनके रहन-सहन की स्थिति को लेकर कुछ कमियाँ पाई गईं। अधिकारियों ने तत्काल प्रभाव से गौशाला की व्यवस्था सुधारने और गायों की बेहतर देखभाल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही, गौशाला में स्वच्छता, चारे की उचित व्यवस्था और पशु चिकित्सा सुविधाओं को बेहतर बनाने पर जोर दिया गया।
इटावा के प्रेरणा सभागार, विकास भवन में अनुश्रवण समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में अधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने प्राकृतिक खेती के महत्व, उसके लाभ और इसे व्यापक स्तर पर अपनाने की रणनीतियों पर विस्तृत चर्चा की। बैठक में प्राकृतिक खेती के माध्यम से पर्यावरणीय और आर्थिक लाभों पर विशेष जोर दिया गया। गौ आधारित खेती को बढ़ावा देने से न केवल किसानों की आत्मनिर्भरता बढ़ेगी, बल्कि उत्पादन लागत में भी कमी आएगी।
बैठक के दौरान सभी उपस्थित लोगों ने “घर-घर गाय, घर-घर बायोगैस” अभियान को सफल बनाने का संकल्प लिया। इस अभियान के तहत गाय आधारित खेती और बायोगैस प्लांट को बढ़ावा देने के लिए समन्वित प्रयास किए जाएंगे। इस पहल का उद्देश्य सतत कृषि को प्रोत्साहित करना और ग्रामीण समृद्धि को बढ़ावा देना है। अधिकारियों ने इस अभियान को अधिक से अधिक किसानों तक पहुँचाने के लिए जमीनी स्तर पर काम करने का आह्वान किया।
प्राकृतिक खेती को अपनाने से न केवल पर्यावरण को लाभ होगा, बल्कि किसानों की आय में भी वृद्धि होगी। इसके साथ ही, रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के उपयोग में कमी आएगी, जिससे मिट्टी की उर्वरता बनी रहेगी और जल संसाधनों की सुरक्षा होगी। इस बैठक में लिए गए निर्णय और संकल्प सतत कृषि और ग्रामीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होंगे।
इटावा जनपद में गौशाला के निरीक्षण और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए आयोजित बैठक ने क्षेत्र के किसानों और पशुपालकों के लिए नई संभावनाएं खोल दी हैं। गौ आधारित खेती और बायोगैस प्लांट को बढ़ावा देने से न केवल पर्यावरण को लाभ होगा, बल्कि किसानों की आर्थिक स्थिति में भी सुधार आएगा। यह पहल सतत विकास और ग्रामीण समृद्धि की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।