एसएसपी इटावा के निर्देशन में थाना सैफई एवं थाना साइबर क्राइम टीम द्वारा एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में ‘डिजिटल वॉरियर्स’ की भर्ती की गई और उन्हें फेक न्यूज व साइबर अपराधों के खिलाफ प्रशिक्षित किया गया। इस पहल का उद्देश्य समाज में साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर फैलने वाली गलत जानकारियों पर अंकुश लगाना है।
कार्यशाला में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और कॉलेज/विश्वविद्यालयों के छात्रों को शामिल किया गया, जो साइबर अपराधों के खिलाफ पुलिस के अभियान का हिस्सा बनेंगे। विशेषज्ञों ने बताया कि कैसे फेक न्यूज, ऑनलाइन धोखाधड़ी, डिजिटल ठगी और साइबर बुलिंग से बचा जा सकता है। इसके साथ ही, सोशल मीडिया पर अफवाहों को रोकने के लिए जरूरी एहतियाती उपायों की जानकारी दी गई।
थाना साइबर क्राइम टीम ने डिजिटल सुरक्षा से संबंधित विभिन्न तकनीकों और कानूनी पहलुओं पर विस्तृत जानकारी दी। प्रतिभागियों को बताया गया कि अगर कोई साइबर अपराध का शिकार होता है, तो उसे तत्काल पुलिस या साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए। इसके अलावा, साइबर सुरक्षा के नियमों और डिजिटल एथिक्स को भी समझाया गया।
इस अवसर पर पुलिस अधिकारियों ने कहा कि ‘डिजिटल वॉरियर्स’ का नेटवर्क समाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। ये प्रशिक्षित युवा न केवल फेक न्यूज को पहचानने और रोकने में मदद करेंगे, बल्कि अन्य लोगों को भी जागरूक करने का कार्य करेंगे। इससे साइबर अपराधों में कमी आएगी और आम जनता अधिक सतर्क हो सकेगी।
कार्यशाला के सफल आयोजन के लिए एसएसपी इटावा ने थाना सैफई और साइबर क्राइम टीम की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस अभियान को आगे भी जारी रखा जाएगा, ताकि डिजिटल स्पेस को सुरक्षित और विश्वसनीय बनाया जा सके। इस पहल से आम नागरिकों, विशेष रूप से युवाओं में डिजिटल सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ेगी और वे समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में योगदान दे सकेंगे।