सोमवार सुबह 08:00 बजे इटावा जिले के एक कोल्ड स्टोरेज में अमोनिया गैस के रिसाव की सूचना मिलते ही फ़ायर स्टेशन की टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुँची। मुख्य अग्निशमन अधिकारी और प्रभारी अग्निशमन केंद्र अधिकारी के नेतृत्व में दो फ़ायर सर्विस यूनिट ने तेजी से राहत कार्य शुरू किया। घटना की गंभीरता को देखते हुए फायर ब्रिगेड की टीम ने पूरी मुस्तैदी के साथ रिसाव को नियंत्रित करने की योजना बनाई।
अग्निशमन दल ने वाटर स्प्रे और बीए ब्रीदिंग ऐपरेटस (Breathing Apparatus) का उपयोग करते हुए गैस लीकेज को काबू में करने का प्रयास किया। विशेषज्ञ मैकेनिक की सहायता से लीकेज लाइन के दोनों ओर स्थित वॉल्व को तुरंत बंद किया गया। गैस के असर को खत्म करने के लिए एक्जॉस्ट फैन का उपयोग किया गया, जिससे प्रभावित मशीन रूम को पूरी तरह से गैस मुक्त किया गया। इसके बाद, खराब वॉल्व को बदलकर रिसाव को पूरी तरह से बंद कर दिया गया।
इस घटना के दौरान कोल्ड स्टोरेज का एक कर्मचारी अमोनिया गैस की चपेट में आकर अचेत हो गया। स्थिति को गंभीर होता देख अग्निशमन दल के जवानों ने तत्परता दिखाते हुए उसे सुरक्षित बाहर निकाला। प्राथमिक उपचार के रूप में CPR (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) देकर उसकी जान बचाई गई। कर्मचारी की हालत अब स्थिर बताई जा रही है।
चूंकि अमोनिया गैस का अत्यधिक मात्रा में रिसाव हुआ था, इसलिए स्थिति को नियंत्रित करना चुनौतीपूर्ण था। दमकल कर्मियों ने अपने अनुभव, प्रशिक्षण और साहस का परिचय देते हुए न सिर्फ गैस रिसाव को रोका, बल्कि एक बड़ी दुर्घटना को भी टाल दिया। इस दौरान आसपास के क्षेत्रों में दहशत का माहौल बना रहा, लेकिन प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से स्थिति जल्द ही सामान्य हो गई।