शुक्रवार देर शाम आई तेज आंधी और बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। रात आठ बजे अचानक मौसम में बदलाव आया, जिससे चकरनगर कस्बे समेत कई गांवों में तेज हवा के साथ बारिश शुरू हो गई। कंधेशीधार, हनुमंतपुरा, विंड़वा कला, सहसों और भरेह क्षेत्र में करीब एक घंटे तक तेज बारिश हुई, जबकि रात साढ़े दस बजे तक रुक-रुककर बूंदाबांदी होती रही। इससे मौसम में ठंडक बढ़ गई, लेकिन किसानों के लिए यह बारिश नुकसानदायक साबित हो सकती है।
तेज हवाओं और बारिश से दलहनी और तिलहनी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। सरसों की पकी फसल के दाने चटकने लगे हैं, जिससे उत्पादन पर असर पड़ेगा। वहीं, गेहूं की फसल गिरने से उसके खराब होने का खतरा बढ़ गया है, जिससे अनाज के दाने काले पड़ सकते हैं।
खासतौर पर चकरनगर, कंधेशीधार, कसौआ टूमरा कोला, नगला मधुरी, जौनानी, नगला कढोरी, फूटाताल, सिरसा, विंड़वा कला, सहसों, मितरौल और भरेह में फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है। शुरुआती अनुमान के मुताबिक, इस बारिश और आंधी के कारण फसलों के उत्पादन में करीब 20 प्रतिशत तक की कमी आ सकती है।किसानों का कहना है कि मौसम का यह अचानक बदलाव उनके लिए एक बड़ी मुसीबत बनकर आया है। पहले ही मौसम की अनिश्चितताओं से जूझ रहे किसान अब नुकसान की भरपाई को लेकर चिंतित हैं।