बकेवर/लखना:- चैत्र नवरात्र प्रारंभ होते ही लखना,बकेवर सहित आसपास क्षेत्र में घर घर मां शैलपुत्री की पूजा अर्चना का सिलसिला चलता रहा। वहीं एतिहासिक कालिका देवी मंदिर पर भी सुदूर आंचल से आकर देवी भक्तों के द्वारा पूजा अर्चना की गयी। साथ ही मां जगतजननी की प्रतिमाओं को भी लखना में स्थापित किया गया।
चैत्र की नवरात्र का प्रथम दिन होने के चलते घर घर मां शैलपुत्री की पूजा अर्चना का कार्य महिलाओं बच्चों समेत लोगों के द्वारा किया गया। ब्रत रखने का सिलसिला भी प्रारंभ हुआ। वहीं लखना के कालिका देवी मंदिर पर भी सुबह से देबी भक्तों के द्वारा पहुंचकर पूजा अर्चना की गयी। जो कि सुदूर आंचल से आने बाले भक्तों का जनसैलाब पूरे दिन चलता रहा।
इसके अलाबा कस्बा की ही मातन मुहाल माता देवी मंदिर व नहर पार दुर्गा मंदिर पर भी महिलाओं के द्वारा पहुंचकर पूजा अर्चना की गयी। इसके बाद घरों पर मां की चौकियां भी सजाई गयी व जबारे भी बोये गये। जिसकी नौ दिन पूजा अर्चना का कार्य चलता रहेगा।
वहीं इसके साथ ही कस्बा लखना के ही ठाकुरान मुहाल. स्थित श्री रामजानकी मंदिर परिसर में भी मां आरम्भा का भव्य दरवार बजरंगबली व भैरों बाबा का सजाया गया है। जिसको नवदुर्गा सेवा समिति के पदाधिकारियों के द्वारा प्रतिवर्ष सजाया जाता है। यहां पर अजीतमल औरैया के पं रामबहादुर शास्त्री व सत्यभान शास्त्री द्वारा अनवरत पूजा पाठ का सिलसिला चलेगा। महिलाओं के द्वारा भव्य भजनों का गायन कार्य भी होगा। बकेवर कस्बा व आसपास ग्रामीण क्षेत्र में घर घर मां की पूजा अर्चना का कार्य प्रारंभ हो गया। जो कि लंगुरिया गीतों व भजनों के साथ किया जाएगा।