टीबी (तपेदिक) एक गंभीर संक्रामक बीमारी है, जो मुख्य रूप से फेफड़ों को प्रभावित करती है। जिले में वर्तमान में टीबी के 2358 मरीज उपचाराधीन हैं। इनमें से 1695 नए मरीज हाल ही में सौ दिवसीय विशेष अभियान के दौरान खोजे गए, जबकि 663 पुराने मरीजों का इलाज जारी है।
विशेषज्ञों के अनुसार, कोरोना महामारी के बाद टीबी के मामलों में वृद्धि देखी जा रही है, खासकर युवा वर्ग में यह बीमारी तेजी से फैल रही है। हालांकि, अब टीबी का सही और प्रभावी इलाज उपलब्ध है, जिससे मरीज पूरी तरह स्वस्थ जीवन जी सकते हैं।
जिले में 7 दिसंबर 2024 से 23 फरवरी 2025 तक 100 दिवसीय विशेष अभियान चलाया गया, जिसमें 1695 नए टीबी मरीजों की पहचान की गई। वर्ष 2024 में कुल 5630 टीबी मरीजों की पहचान हुई थी, जिनमें से 92% से अधिक मरीज इलाज के बाद स्वस्थ हो चुके हैं।जिले में मौजूद 2358 मरीजों में से 218 मरीज मल्टी-ड्रग रेजिस्टेंट (एमडीआर) टीबी से पीड़ित हैं। यह टीबी का एक गंभीर रूप है, जिसमें आमतौर पर दी जाने वाली दवाएं असर नहीं करतीं, जिससे मरीज को अधिक जटिल इलाज की जरूरत पड़ती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर टीबी का समय पर इलाज नहीं किया गया, तो यह जानलेवा साबित हो सकती है। सरकार और स्वास्थ्य विभाग टीबी उन्मूलन के लिए विशेष अभियान चला रहे हैं, ताकि बीमारी पर जल्द से जल्द नियंत्रण पाया जा सके।