आगामी ईद-उल-फितर के अवसर पर शहर की प्रमुख ईदगाह में नमाज को लेकर प्रशासन और धर्मगुरुओं ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। सदर कोतवाली में आयोजित बैठक में तय किया गया कि ईद की नमाज दो शिफ्टों में आयोजित की जाएगी—पहली शिफ्ट सुबह 7:30 बजे और दूसरी शिफ्ट सुबह 8:30 बजे होगी।इसके साथ ही, शासन के निर्देशानुसार सड़कों पर नमाज नहीं पढ़ी जाएगी, ताकि यातायात और सार्वजनिक व्यवस्था बनी रहे।
यह बैठक सीओ सिटी रामगोपाल शर्मा की अध्यक्षता में हुई, जिसमें धर्मगुरु, शांति समिति के सदस्य और प्रशासनिक अधिकारी शामिल हुए। बैठक में सर्वसम्मति से तय किया गया कि शहर की सभी मस्जिदों में भी ईद की नमाज आयोजित की जाएगी और वहां भी प्रशासन एवं पुलिस की मौजूदगी सुनिश्चित की जाएगी, जिससे शांति और सौहार्द बना रहे।
सीओ रामगोपाल शर्मा ने नगरवासियों से अपील की कि पूर्व त्योहारों की तरह ईद का त्योहार भी मिल-जुलकर और सौहार्दपूर्वक मनाया जाए। उन्होंने आश्वस्त किया कि प्रशासन और पुलिस की टीमें पूरे शहर में मुस्तैद रहेंगी, जिससे कोई भी अप्रिय घटना न हो।
बैठक में शहर कोतवाल यशवंत सिंह, मौलाना तारिक शम्शी, चौधरी मुमताज, शिया मौलाना अनवारुल हसन जैदी, हनी वारसी, भारतेन्द्र नाथ भारद्वाज, गुलशेर मोहसिन, हाजी अब्दुल माबूद अंसारी, धर्मेंद्र यादव और हाजी अजीम वारसी जैसे गणमान्य लोग उपस्थित रहे।सभी ने शहर में शांति और भाईचारे की अपील की और ईद को खुशी और उल्लास के साथ मनाने का संदेश दिया।
प्रशासन ने यह भी सुनिश्चित किया है कि ईदगाह और अन्य मस्जिदों में नमाज के दौरान सुरक्षा और स्वास्थ्य संबंधी सभी दिशा-निर्देशों का पालन किया जाए। साथ ही, सड़कों पर नमाज नहीं होगी, जिससे यातायात व्यवस्था सुचारु बनी रहे और सामान्य जनजीवन प्रभावित न हो।