जिलाधिकारी अवनीश राय ने तहसील सैफ़ई के ग्राम चकूपुर में आलू की फसल की क्रॉप कटिंग का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में उप जिलाधिकारी सैफ़ई के साथ-साथ संबंधित कृषक, अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। जिलाधिकारी ने इस अवसर पर फसल की गुणवत्ता और उत्पादन का जायजा लिया, जिससे किसानों को उनकी मेहनत का उचित मूल्यांकन मिल सके। यह क्रॉप कटिंग क्षेत्र में कृषि उत्पादन के आंकड़े संकलित करने और सरकारी योजनाओं के प्रभाव को मापने के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी अवनीश राय ने कहा कि सरकार का उद्देश्य किसानों की आय को दोगुना करना है और इसके लिए समय-समय पर ऐसे आयोजन किए जाते हैं। उन्होंने बताया कि क्रॉप कटिंग से प्राप्त डेटा के आधार पर किसानों को बेहतर सुविधाएँ और सहायता प्रदान की जाएगी। ग्राम चकूपुर के किसानों ने इस पहल का स्वागत किया और इसे अपनी फसल के मूल्यांकन के लिए एक सकारात्मक कदम बताया।
यह प्रक्रिया न केवल उत्पादन का आकलन करती है, बल्कि किसानों को उनकी फसल की स्थिति के बारे में जागरूक भी करती है। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए कि वे इस कार्य को पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ संपन्न करें। ग्राम चकूपुर में आलू की खेती बड़े पैमाने पर की जाती है और यहाँ के किसान इस फसल पर अपनी आजीविका के लिए निर्भर हैं।
कृषकों ने इस आयोजन के दौरान अपनी समस्याएँ भी अधिकारियों के समक्ष रखीं। कुछ किसानों ने सिंचाई सुविधाओं में सुधार और उचित बीज व खाद की उपलब्धता की माँग की। जिलाधिकारी ने उनकी बातों को ध्यान से सुना और आश्वासन दिया कि उनकी समस्याओं का जल्द से जल्द समाधान किया जाएगा। इस क्रॉप कटिंग के परिणाम आगामी दिनों में जिला प्रशासन द्वारा जारी किए जाएँगे, जिससे क्षेत्र के कृषि विकास की दिशा तय होगी।
यह आयोजन न केवल ग्राम चकूपुर बल्कि आसपास के क्षेत्रों के लिए भी प्रेरणादायक साबित हो सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की पहल से न सिर्फ़ किसानों का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि कृषि क्षेत्र में तकनीकी और प्रशासनिक सुधार भी देखने को मिलेंगे। जिला प्रशासन ने भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों को जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई है, ताकि किसानों को उनकी मेहनत का पूरा फल मिल सके।